मुंबई के बांद्रा पूर्व स्थित गरीब नगर इलाके में रेलवे की जमीन पर चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान शुक्रवार को चौथे दिन भी लगातार जारी रहा. पश्चिम रेलवे के मुताबिक 19 मई से शुरू हुई इस कार्रवाई में अब तक इलाके के करीब 100 प्रतिशत अवैध अतिक्रमण हटा दिए गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि केवल उन करीब 100 संरचनाओं को फिलहाल छोड़ा गया है, जिन्हें नहीं हटाया जाना है, जबकि बाकी सभी अवैध ढांचों को बुलडोजर और मानव बल की मदद से हटाया जा रहा है.
इस बीच कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए 21 मई को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया. इसके बाद रेलवे प्रशासन ने और तेजी से अभियान जारी रखा. पश्चिम रेलवे के अधिकारी विनीत अभिषेक ने कहा कि पूरी प्रक्रिया कानून और अदालत के निर्देशों के तहत ही चलाई जा रही है और इसमें वैध संरचनाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जा रहा.
फेंसिंग और बैरिकेडिंग का काम भी शुरू
कार्रवाई के दौरान इलाके में अब फेंसिंग और बैरिकेडिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है, ताकि जमीन को सुरक्षित किया जा सके. अधिकारियों के अनुसार भविष्य में यहां एक बड़े इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स के निर्माण की योजना है, जिसके लिए जमीन खाली कराई जा रही है.
पथराव से बिगड़ा था माहौल
20 मई को इसी अभियान के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई थी जब बड़ी संख्या में लोग विरोध के लिए एकत्र हो गए. भीड़ ने नारेबाजी करते हुए कार्रवाई रोकने की कोशिश की और कुछ उपद्रवियों ने पुलिस और प्रशासनिक टीम पर पथराव किया. इस दौरान एक आरोपी, सद्दाम अंसारी, पुलिस पर पत्थर फेंकते कैमरे में कैद हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया. इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए, जिनका इलाज कराया गया. पुलिस ने दंगा, सरकारी काम में बाधा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराओं में अब तक 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जबकि 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
क्यों हो रही ये कार्रवाई
रेलवे प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर की जा रही है. यह मामला 2017 से कोर्ट में लंबित था और हाल ही में 29 अप्रैल 2026 को हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अवैध अतिक्रमण हटाने की अनुमति दी थी. अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि इस दौरान किसी भी वैध संरचना को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए.
रेलवे ने पहले ही इलाके में रहने वाले लोगों को नोटिस जारी कर दिया था. अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान रेलवे ट्रैक के पास स्थित संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र में चलाया जा रहा है, जहां अवैध बसावट से न सिर्फ लोगों की जान को खतरा था बल्कि ट्रेन संचालन भी प्रभावित हो सकता था.
रेलवे के लिए क्यों जरूरी है कार्रवाई
पश्चिम रेलवे का कहना है कि अतिक्रमण हटाने से न केवल रेलवे सुरक्षा बेहतर होगी बल्कि ट्रेन संचालन में सुगमता आएगी. साथ ही भविष्य में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं और यात्री क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. यह इलाका देश के सबसे व्यस्त रेल गलियारों में से एक है, जहां इस तरह की कार्रवाई लंबे समय से जरूरी मानी जा रही थी.














