Ujjain Mahakal Temple Aarti Time: उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार से आरतियों का समय बदल गया है. 4 मार्च को रोजाना की तरह भस्म आरती हुई. इससे पहले भगवान को ठंडे जल से स्नान कराने की परंपरा भी शुरू हो गई. यह परिवर्तन चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से अश्विन पूर्णिमा तक रहेगा.
दरअसल, 12 ज्योतिर्लिंग में से एक उज्जैन महाकाल मंदिर में तड़के सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर, स्वस्ति वाचन के साथ गर्भगृह के पट खोले गए. इसके बाद पुजारी ने बाबा का श्रृंगार उतारकर पंचामृत पूजन के बाद कर्पूर आरती की. ठंडे जल से बाबा महाकाल का अभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया. ड्रायफ्रूट, फल और मिठाई का भोग लगाया गया. शेषनाग का रजत मुकुट, मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित फूलों की माला अर्पित कर दिव्य स्वरूप में श्रृंगार किया गया. इसके बाद महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से महाकाल को भस्म अर्पित की गई. भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया.
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आरतियों का समय बदला
परंपरानुसार धुलेंडी के दूसरे दिन से गर्मी का मौसम शुरू हो जाता है. इसी दिन बाबा महाकाल को ठंडे जल से अभिषेक भी शुरू हो जाता है. साथ ही बाबा महाकाल की आरतियों का समय भी बदल जाता है. हालांकि, भस्म आरती, संध्या पूजन और शयन आरती अपने निर्धारित समय पर होंगी.
कार्तिक प्रतिपदा से होली तक
भस्म आरती- तड़के 4 बजे से सुबह 6 बजे तक.
बालभोग आरती- सुबह 7.30 से 8.15 बजे तक.
भोग आरती- सुबह 10.30 से 11.15 बजे तक.
संध्या पूजन- शाम 5 बजे.
संध्या आरती- शाम 6.30 से 7.15 बजे तक.
शयन आरती- रात 10.30 से 11 बजे तक.
अब अश्विन पूर्णिमा तक यह रहेगा समय
भस्म आरती- प्रात: 4 बजे से 6 बजे तक.
दद्योदक आरती- प्रात: 7 से 7.45 बजे तक.
भोग आरती- प्रात: 10 से 10.45 बजे तक.
संध्या पूजन- शाम 5 से 5.45 बजे तक.
संध्या आरती- 7 बजे से 7.45 बजे तक.
शयन आरती- रात 10.30 से 11 बजे तक.
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