5 साल के मासूम का शव सेप्टिक टैंक में मिला, 24 घंटे से था लापता; सतना मेडिकल कॉलेज में दर्दनाक हादसा

Septic Tank Accident: सतना मेडिकल कॉलेज परिसर में लापता 5 साल के बच्चे का शव सेप्टिक टैंक में मिला। 24 घंटे बाद मिला शव, निर्माण स्थल की लापरवाही पर उठे सवाल. पढ़िए पूरी खबर.

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सतना मेडिकल कॉलेज में दर्दनाक हादसा: 5 साल के मासूम का शव सेप्टिक टैंक में मिला, 24 घंटे से था लापता

Septic Tank Accident: मध्यप्रदेश के सतना जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मेडिकल कॉलेज परिसर से लापता हुए 5 वर्षीय बच्चे का शव सेप्टिक टैंक में मिला. बच्चा गुरुवार शाम से लापता था, जिसकी तलाश में परिजन और पुलिस लगातार जुटी हुई थी. शुक्रवार दोपहर निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास बने टैंक से उसका शव बरामद हुआ. इस घटना से पूरे परिसर में सनसनी फैल गई है. प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि खेलते समय बच्चा टैंक में गिर गया. घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों में लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

मजदूर परिवार का बेटा था मृतक

मृतक की पहचान आयुष डामोर (5 वर्ष) के रूप में हुई है, जो धार जिले के राजगढ़ का निवासी था. वह अपने माता-पिता के साथ सतना मेडिकल कॉलेज परिसर में रह रहा था, जहां उसके पिता निर्माण कार्य में मजदूरी करते हैं. ठेकेदार द्वारा लाए गए मजदूरों के परिवार निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास बने अस्थायी क्वार्टर में रहते हैं.

खेलते-खेलते अचानक हुआ लापता

जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम आयुष अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था. इसी दौरान वह अचानक लापता हो गया. परिजनों और अन्य मजदूरों ने देर रात तक उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद कोलगवां थाना पुलिस को सूचना दी गई और गुमशुदगी दर्ज कर तलाशी अभियान शुरू किया गया.

सेप्टिक टैंक में मिला शव

शुक्रवार को भी पुलिस और परिजन बच्चे की तलाश करते रहे. दोपहर करीब 3 बजे निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास स्थित सेप्टिक टैंक में बच्चे का शव उतराता हुआ मिला. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया.

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8 फीट गहरे टैंक में गिरने की आशंका

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सेप्टिक टैंक करीब 8 फीट गहरा और पानी से भरा हुआ था. टैंक को ऊपर से सीमेंट की स्लैब से ढका गया था, लेकिन आशंका है कि खेलते समय बच्चे का पैर स्लैब पर पड़ा और वह टूट गई, जिससे वह सीधे अंदर गिर गया. हालांकि, मजदूरों का कहना है कि गुरुवार को भी टैंक में झांककर तलाश की गई थी, लेकिन तब कुछ नहीं मिला था.

निर्माण स्थल की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद निर्माणाधीन स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. खुले या कमजोर ढंके सेप्टिक टैंक जैसे खतरनाक स्थानों को सुरक्षित न किए जाने से बच्चों की जान खतरे में पड़ रही है. स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठाई है.

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पुलिस जांच जारी

पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और लापरवाही सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी.

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