घर टूटा, शार्ट एनकाउंटर हुआ, पर नहीं छोड़ी तस्करी, जंगल के घर से 28 लाख का ये 'नशा' बरामद; फिर लौटा जस्सा 

सतना की ऊंचेहरा पुलिस ने मड़फई गांव में दबिश देकर 120 पेटी कफ सिरप जब्त की, इस खेप की कीमत लगभग 28 लाख रुपये आंकी गई है. जांच में इसके तार कुख्यात तस्कर अनूप जायसवाल उर्फ जस्सा के नेटवर्क से जुड़े मिले हैं. पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. 

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मध्य प्रदेश के सतना जिले में नशे के अवैध कारोबार में लगभग दो दशक से सक्रिय अनूप जायसवाल उर्फ जस्सा भले ही कुछ समय से शांत बैठा था, लेकिन शुक्रवार देर रात हुई कार्रवाई ने अपराध जगत में उसकी वापसी का संकेत दे दिया है. तस्कर  जस्सा का फन कुचलने के लिए प्रशासन पहले उसका मकान गिरा चुका है, शॉर्ट एनकाउंटर भी कर चुका है. इसके बाद भी उसके हौसले टूटते नजर नहीं आ रहे. ऐसे में जस्सा के नेटवर्क पर पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है.

दरअसल, परसमनिया के जंगल क्षेत्र में बने एक मकान से नशीली कफ सिरप की भारी खेप बरामद की है. ऊंचेहरा पुलिस ने मड़फई गांव में दबिश देकर 120 पेटी प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त की है, जिनमें लगभग 14 हजार शीशियां शामिल हैं. पुलिस के अनुसार जब्त माल की अनुमानित कीमत करीब 28 लाख रुपये है. काफी समय बाद जिले में नशीली कफ सिरप की इतनी बड़ी खेप पकड़ी गई है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस खेप के तार कुख्यात तस्कर अनूप जायसवाल उर्फ जस्सा के नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं. कार्रवाई के दौरान मौके से एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में सामने आया कि बाहर से तस्करी कर लाई गई कफ सिरप को पिकअप वाहनों के जरिए मड़फई लाकर जंगल किनारे स्थित मकान में स्टोर किया जाता था.

महिला का घर बना था स्टोरेज पॉइंट

हिरासत में ली गई महिला चौरसिया देवी साकेत के घर को तस्करों ने अस्थायी गोदाम बना रखा था. पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर जब मकान का ताला तुड़वाया, तो भीतर कफ सिरप की पेटियों का जखीरा मिला. पूछताछ में महिला ने बताया कि भुरहरा गांव के मनीष यादव और शैलेंद्र गुप्ता उर्फ टिंकू उसके घर में पेटियां रखवाते थे. जितने दिन माल घर में रहता था, उसके हिसाब से उसे रोजाना भुगतान किया जाता था. सूचना के आधार पर पुलिस ने मनीष और शैलेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि उनके साथ काम करने वाले तीन अन्य लोग मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है.

मोबाइल से मिलते थे निर्देश

आरोपियों ने बताया कि उन्हें मोबाइल फोन पर अलग-अलग नंबरों से डिलीवरी और मूवमेंट के निर्देश मिलते थे. ऊंचेहरा और नागौद क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर पहले से डंप की गई पेटियों को पिकअप वाहनों में लोड कर मड़फई लाया जाता था. यहां से तीन अन्य लोग माल को आगे सप्लाई के लिए बाहर ले जाते थे. पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और कॉल डिटेल्स व नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है.

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ठिकाने तक ऐसे पहुंची पुलिस

पुलिस के मुताबिक, बीते महीने एक अज्ञात पत्र के जरिए सूचना मिली थी कि मड़फई में किसी महिला के मकान में नशीली कफ सिरप की बड़ी खेप उतारी गई है, लेकिन तब कार्रवाई से पहले ही खेप रातों-रात गायब हो गई थी. शुक्रवार को पुलिस को सटीक इनपुट मिला कि बाहर से माल आया है और रात तक कहीं और भेजा जा सकता है. इसी आधार पर नागौद एसडीओपी रघु केशरी के नेतृत्व में ऊंचेहरा थाना और परसमनिया चौकी पुलिस की संयुक्त टीम ने दबिश दी. पुलिस को देखकर महिला भागने लगी, लेकिन उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया. फिलहाल पुलिस आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाल रही है. तस्करी के तार जस्सा के नेटवर्क से जुड़ने के संकेत मिलने के बाद पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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