कटनी: भारतीय रेलवे की तत्परता और सहयात्रियों की संवेदनशीलता के कारण मुंबई से कोलकाता जा रही हावड़ा मेल (12322) में एक महिला का सफल प्रसव कराया गया. कटनी जंक्शन पर समय रहते मिली मेडिकल सहायता के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. चिकित्सकों के अनुसार, दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं. जानकारी के अनुसार, शांति कुमारी अपने पति दिलीप कुमार के साथ मुंबई (CSMT) से बिहार के भभुआ रोड (BBU) की यात्रा कर रही थीं. ट्रेन जब रास्ते में थी, तभी शांति कुमारी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन में मौजूद अन्य महिला यात्रियों ने साहस दिखाया और प्रसव में मदद की.
रेलवे प्रशासन का 'रियल टाइम' एक्शन
जैसे ही रेलवे कंट्रोल को इसकी सूचना मिली, तंत्र सक्रिय हो गया. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर ने बताया कि सूचना मिलते ही रेलवे के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने कंट्रोल सिस्टम के जरिए स्थिति पर नजर रखनी शुरू की. जरूरी प्राथमिक चिकित्सा मार्गदर्शन (Medical Guidance) लगातार मोबाइल के माध्यम से दिया गया. कटनी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुँचने से पहले ही मेडिकल टीम एम्बुलेंस के साथ प्लेटफार्म पर तैनात थी. डॉ. राज सिंह ठाकुर, CMHO ने कहा, "समय पर समन्वय और त्वरित इलाज के कारण इस आपात स्थिति को सफलतापूर्वक संभाला जा सका. यह रेलवे की चिकित्सा तत्परता का एक बेहतरीन उदाहरण है."
जिला अस्पताल में भर्ती, दोनों स्वस्थ
कटनी स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही मेडिकल टीम ने मां और नवजात शिशु को सुरक्षित उतारा. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्टि की है कि मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं और उन्हें उचित चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है.
मानवता की मिसाल
इस घटना के दौरान ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यात्रियों ने न केवल महिला की मदद की, बल्कि परिवार का मनोबल भी बढ़ाए रखा. चलती ट्रेन में सुरक्षित प्रसव और कटनी में मिला बेहतरीन मेडिकल मैनेजमेंट आज चर्चा का विषय बना हुआ है.














