विधायकों के साथ निर्वाचन आयोग पहुंचे जीतू पटवारी, पूछा- 3 दिन में 11 लाख नाम कैसे बढ़े

मध्य प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी विधायकों के साथ निर्वाचन आयोग पहुंचे और तीन दिन में 11 लाख नाम जुड़ने पर सवाल उठाए.

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Jitu Patwari Election Commission: मध्य प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विधायकों के साथ निर्वाचन आयोग पहुंचकर बड़ा सवाल उठाया है. उन्होंने पूछा कि आखिर सिर्फ तीन दिनों में मतदाता सूची में 11 लाख नाम कैसे बढ़ गए? उनका कहना है कि अचानक हुए इस बदलाव से चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है.

निर्वाचन आयोग में कांग्रेस की शिकायत

जीतू पटवारी कांग्रेस विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ निर्वाचन आयोग पहुंचे और पूरी प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि जिस तरह से नाम जोड़े और काटे गए हैं, उससे साफ है कि मामला सामान्य नहीं है. कांग्रेस ने इस संबंध में आयोग को लिखित शिकायत भी दी है.

तीन दिन में 11 लाख नाम बढ़ने पर सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तीन दिन में 11 लाख नए नाम जुड़ना समझ से परे है. उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर मतदाता संख्या 4 लाख से सीधे 13 लाख तक पहुंच गई, जो किसी साजिश का साफ संकेत देती है. उनका आरोप है कि यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया गया.

बीजेपी पर साजिश का आरोप

जीतू पटवारी ने सीधे तौर पर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में हेरफेर के पीछे बीजेपी की साजिश है. उनके अनुसार, अन्य राज्यों में भी इसी तरह के मामले सामने आ चुके हैं और अब वही तरीका यहां अपनाया जा रहा है.

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी फॉर्म-7 का गलत इस्तेमाल करवा रही है, जिससे वैध मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं. पटवारी ने कहा कि इस संबंध में सभी जरूरी सबूत निर्वाचन आयोग को सौंप दिए गए हैं और अब आयोग को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.

BLO को सख्त चेतावनी

जीतू पटवारी ने प्रदेश भर के बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एक भी बूथ पर अनियमितता पाई गई या अवैध रूप से नाम जोड़ा-काटा गया, तो कांग्रेस सीधा एफआईआर कराएगी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कानून से कोई नहीं बचेगा.

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पटवारी ने कहा कि प्रदेश के करीब 95 फीसदी बीएलओ ईमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन लगभग 5 फीसदी अधिकारी बीजेपी नेताओं के दबाव में आकर गड़बड़ी कर रहे हैं. उन्होंने दो टूक कहा कि ऐसे लोगों के लिए भविष्य में जेल की सलाखें तैयार हैं.

आदिवासी क्षेत्रों में नाम कटने का मुद्दा

कांग्रेस अध्यक्ष ने आदिवासी इलाकों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पलायन कर चुके आदिवासियों ने सही तरीके से अपना सत्यापन करवाया है, इसके बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं. इसे उन्होंने गंभीर अन्याय बताया. जीतू पटवारी ने दावा किया कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी एक लाख वोटों से जीती, वहीं करीब एक लाख मतदाताओं के नाम कम हो गए. उन्होंने कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि बीजेपी वोट चोरी करके सत्ता में आई है.

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भोजशाला मामले पर जीतू पटवारी का बयान

भोजशाला विवाद पर बोलते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि भारत की प्राचीन सभ्यता, संस्कार, परंपरा और भाईचारे की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को न्यायसंगत बताया. पटवारी ने कहा कि हिंदू भाई अपने समय पर पूजा करें और मुस्लिम भाई अपने समय पर नमाज अदा करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोर्ट के आदेशों का पालन सभी को मिलकर करना चाहिए और यही कांग्रेस पार्टी का साफ मत है.

सरकार और गृह मंत्री की जिम्मेदारी

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जो भी लोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से हटकर बात कर रहे हैं, उनसे निपटना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि मोहन यादव गृह मंत्री हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उन्हीं की जिम्मेदारी है.

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