Neemuch Constable Suicide: जहर खिलाया या खाया, पत्नी का सवाल, वो महिला कौन जो ले गई 'नोट'? SP बोले- कांस्टेबल को 4 सजाएं मिली थीं 

Neemuch Constable Suicide Case: मृतक आरक्षक होशियार सिंह की कमलेश बाई ने NDTV से बात करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान उनके पति को लगातार परेशान किया जा रहा था. जो लोग पैसे देते थे उनकी ड्यूटी नहीं लगती थी, जबकि जो पैसे नहीं देते थे उन्हें अधिक ड्यूटी करनी पड़ती थी.

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Neemuch Constable Suicide Case: हेड कांस्टेबल होशियार सिंह अहीर की इलाज के दौरान अस्पताल में हो गई मौत.

Neemuch Constable Suicide: नीमच जिले की पुलिस लाइन कनावटी में पदस्थ 50 साल के आरक्षक होशियार सिंह अहीर की सुसाइड ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है. आरक्षक होशियार सिंह तीन पेज के पत्र में नीमच पुलिस पर गंभीर आरोप लगाएं हैं, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं. मामले को लेकर आरक्षक की पत्नी कमलेश बाई का बयान भी सामने आया गया है. उन्होंने पति के साथ मारपीट और जहर खिलाने की आशंका जताई है. उन्होंने कहा पति के पास उनका मोबाइल भी नहीं मिला है.     

पत्नी बोली- हो सकता है विवाद या हाथापाई हुई हो 

आरक्षक होशियार सिंह अहीर की पत्नी कमलेश बाई NDTV से बात करते हुए बताया-  'उनके पति के चार ऑपरेशन हो चुके थे, वह लगातार छुट्टी की मांग कर रहे थे, लेकिन वरिष्ठ अधिकारी  दबाव बना रहता था. रविवार 8 फरवरी 2026 की दोपहर उनके पति ने डीजीपी, डीआईजी और एसपी के नाम पत्र लिखा था, जिसमें आरआई समेत अन्य पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए शिकायत की थी. कमलेश बाई ने आशंका जताई कि हो सकता है कंट्रोल रूम में किसी बात को लेकर उनका विवाद या हाथापाई हुई हो, जिसके बाद उन्हें (पति को) जहर खिलाया गया हो, या उन्होंने खा लिया हो. कमलेश बाई ने कहा कि कंट्रोल रूम से फोन कर बताया गया कि उनके पति ने जहर खा लिया है. 

जो पैसे देते थे उनकी ड्यूटी नहीं लगती थी 

कमलेश बाई ने कहा कि ड्यूटी के दौरान उनके पति को लगातार परेशान किया जा रहा था. जो लोग पैसे देते थे उनकी ड्यूटी नहीं लगती थी, जबकि जो पैसे नहीं देते थे उन्हें अधिक ड्यूटी करनी पड़ती थी. उन्होंने कहा कि उनके पति का सुसाइड नोट उनके पास है, लेकिन मोबाइल फोन नहीं मिला, जेब से केवल जहरीला पदार्थ बरामद हुआ है. कमलेश बाई ने आरोप लगाया कि उन्हें अपने पति की मृत देह तक नहीं देखने दी गई, पोस्टमार्टम के दौरान भी वहां नहीं जाने दिया गया. हमें इंसाफ चाहिए”. 

बेटी अंजली बोली एक महिला ने दी सूचना  

मृतक आरक्षक होशियार सिंह की बेटी अंजली यादव ने NDTV को बताया कि घटना वाले दिन उनके पिता पुलिस कंट्रोल रूम जाने की बात कहकर घर से निकले थे. कुछ समय बाद एक महिला के माध्यम से सूचना मिली कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अंजली का आरोप है कि कॉलोनी में रहने वाली कोमल नाम की महिला यह कहकर उनके घर आई कि उनकी मां ने बुलाया है. वह पिता द्वारा लिखे गए पत्र अपने साथ ले गई. 

सुसाइड नोट की जांच की जा रही है

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर NDTV ने एसपी अंकित जायसवाल से बात की. ये वही एसपी हैं जिनका आरक्षक होशियार सिंह के लेटर में जिक्र (यह आप नीचे पढ़ सकते हैं) है. एसपी जायसवाल ने बताया कि हेड कांस्टेबल होशियार सिंह पिछले चार महीनों से नीमच पुलिस लाइन में पदस्थ थे. 8 फरवरी को सूचना मिली कि उन्होंने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया है, उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. मृतक द्वारा एक सुसाइड नोट छोड़ा गया है, जिसकी जांच तथ्यों के साथ की जा रही है. यह घटना निंदनीय है अगर, जांच में किसी भी प्रकार की प्रताड़ना की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

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हेड कांस्टेबल होशियार सिंह पर भी गंभीर आरोप  

एसपी जायसवाल ने कहा कि हेड कांस्टेबल होशियार सिंह के विभागीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है. शुरुआती जांच में सामने आया कि उनके खिलाफ चार विभागीय जांच हो चुकी थी, जिसमें उन्हें चार बड़ी सजाएं दी गई थीं.  इसके अलावा वह कई बार लंबी अवधि की छुट्टियों पर भी रहे हैं, वरिष्ठ अधिकारियों से अशोभनीय व्यवहार करने के आरोप भी उन पर लगे हैं. हालांकि, पिछले डेढ़ महीने की ड्यूटी रजिस्टर जांच में किसी प्रकार की हार्ड ड्यूटी या प्रताड़ना जैसी कोई बात सामने नहीं आई है. 

परिवार हर समय साथ रहा 

आरक्षक की पत्नी कमलेश बाई के आरोप को लेकर एसपी जायसवाल ने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने से लेकर पोस्टमार्टम तक मृतक के परिजन उनके साथ मौजूद थे. मृत्यु के बाद शव गृह में भी परिवार के सदस्य थे. मृतक के भाई एवं परिजनों से उन्होंने खुद मुलाकात की थी. पुलिस प्रशासन परिवार को हर संभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है. 

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जानिए क्या है मामला?

जानकारी के अनुसार, आरक्षक होशियार सिंह अहीर (50) मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले थे. वे नीमच की पुलिस लाइन कनावटी में पदस्थ थे. कुछ समय पहले होशियार सिंह का हर्निया का ऑपरेशन हुआ था, इस कारण वे अवकाश पर चल रहे थे. रविवार 8 फरवरी 2026 को होशियार सिंह छुट्टी बढ़वाने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे थे, इस दौरान किसी बात से आहत होकर उन्होंने वहीं जहरीला पदार्थ खा लिया, हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. गंभीर हालत होने पर वहां से ज्ञानोदय अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन आरक्षक होशियार सिंह की जान नहीं बचाई जा सकी. 

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तीन पेज के सुसाइड नोट में क्या?

आरक्षक होशियार सिंह की ओर से लिखे गए पत्र की कॉपी डीजीपी, आईजी, डीआईजी और एसपी नाम है. जिसमें उन्होंने लिखा- 'मैं होशियार सिंह आपके अधीनस्थ पुलिस लाइन नीमच पर तैनात हूं' डीजीपी सर से निवेदन है कि पुलिस को इतना भी मत बेचो कि सही आदमी नौकरी ही नहीं कर पाए. नीमच में सब कुछ बिक रहा है, कोई सुनने को तैयार नहीं है. थाने में पीसीआर 1, पीसीआर 2, लाइन का रोजनामचा, जिम और खेल सब पैसों में बिक रहे हैं. अंतिम समय में कुछ भी नहीं साथ जा रहा है. RI नीमच को देखो... सब कुछ है लेकिन क्या करेगा पैसों का, प्रणव तिवारी हर कर्मचारी से पैसा लेकर ड्यूटी लगाते हैं. मौखिक रूप से कहने पर कहते हैं कि मैं और RI, एसपी साहब के ससुर की टिकट 10 हजार की बनवाते हैं. एसपी सर खेलने आते हैं, उनका खर्चा रोजाना मैं और अशोक उठाते हैं. जो पैसा देगा, उनके प्रति सहानुभति होगी. प्रणव तिवारी सर ने किसी दूसरी औरत को अपने साथ रखकर एक बच्चे के पिता बने हैं. शिकायत होने के बाद भी लाइन से नहीं हटाए गए. अगर ऐसा ही है तो होशियार सिंह को आत्महत्या करने स्वीकृति प्रदान करने की कृपा करें'.

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