Neemuch Constable Suicide Latter: मध्य प्रदेश के नीमच जिले की पुलिस लाइन कनावटी में पदस्थ 50 साल के आरक्षक होशियार सिंह अहीर ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली. सुसाइड से पहले आरक्षक होशियार सिंह ने DGP कैलाश मकवाना को तीन पेज का पत्र लिखा है, जिसमें पुलिस विभाग में फैले भ्रष्टाचार, मानिसक प्रताड़ना और अवैध संबंध जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं. सुसाइड नोट में एसपी, आरआई समेत अन्य अधिकरियों और कर्मचारियों के नाम भी लिखे गए हैं. आखिर में DGP मकवाना से सुसाइड की अनुमति मांगी गई है. आइए, अब सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं पूरा मामला क्या है?
सबसे पहले जानिए क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, आरक्षक होशियार सिंह अहीर (50) मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले थे. वे नीमच की पुलिस लाइन कनावटी में पदस्थ थे. कुछ समय पहले होशियार सिंह का हर्निया का ऑपरेशन हुआ था, इस कारण वे अवकाश पर चल रहे थे. रविवार 8 फरवरी 2026 को होशियार सिंह छुट्टी बढ़वाने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे थे, इस दौरान किसी बात से आहत होकर उन्होंने वहीं जहरीला पदार्थ खा लिया, हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. गंभीर हालत होने पर वहां से ज्ञानोदय अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन आरक्षक होशियार सिंह की जान नहीं बचाई जा सकी.
तीन पेज के सुसाइड नोट में क्या?
आरक्षक होशियार सिंह की ओर से लिखे गए पत्र की कॉपी डीजीपी, आईजी, डीआईजी और एसपी नाम है. जिसमें उन्होंने लिखा- 'मैं होशियार सिंह आपके अधीनस्थ पुलिस लाइन नीमच पर तैनात हूं' डीजीपी सर से निवेदन है कि पुलिस को इतना भी मत बेचो कि सही आदमी नौकरी ही नहीं कर पाए. नीमच में सब कुछ बिक रहा है, कोई सुनने को तैयार नहीं है. थाने में पीसीआर 1, पीसीआर 2, लाइन का रोजनामचा, जिम और खेल सब पैसों में बिक रहे हैं. अंतिम समय में कुछ भी नहीं साथ जा रहा है. RI नीमच को देखो... सब कुछ है लेकिन क्या करेगा पैसों का, प्रणव तिवारी हर कर्मचारी से पैसा लेकर ड्यूटी लगाते हैं. मौखिक रूप से कहने पर कहते हैं कि मैं और RI, एसपी साहब के ससुर की टिकट 10 हजार की बनवाते हैं. एसपी सर खेलने आते हैं, उनका खर्चा रोजाना मैं और अशोक उठाते हैं. जो पैसा देगा, उनके प्रति सहानुभति होगी. प्रणव तिवारी सर ने किसी दूसरी औरत को अपने साथ रखकर एक बच्चे के पिता बने हैं. शिकायत होने के बाद भी लाइन से नहीं हटाए गए. अगर ऐसा ही है तो होशियार सिंह को आत्महत्या करने स्वीकृति प्रदान करने की कृपा करें'.
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अधिकारी पहुंचे थे अस्पताल
कैंट थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी ने बताया रविवार को कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही आरक्षक होशियार सिंह को अस्पताल पहुंचाया गया था, लेकिन बचाया नहीं जा सका. घटना की जानकारी मिलते ही सीएसपी किरण चौहान समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जो सामने आएगा उसके अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे.














