- मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने नामांकन किया
- पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा मंच पर भावुक होकर रोते हुए नजर आए और मुख्यमंत्री का हाथ पकड़े थे
- नरोत्तम मिश्रा को पार्टी ने टिकट नहीं दिया, बल्कि आशुतोष तिवारी को चुनावी मैदान में उतारा गया है
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में सोमवार को भाजपा कैंडिडेट आशुतोष तिवारी का नामांकन था. इस मौके पर एक रैली का भी आयोजन हुआ, जिसमें पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भावुक हो पड़े और रोने लगे. वह मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ मंच पर आए थे. उनका मुख्यमंत्री ने हाथ पकड़ रखा था. वह जैसे ही मंच पर बैठे तो भावुक हो गए और फिर पानी पीने लगे और मुंह पोछते दिखे. नरोत्तम मिश्रा दतिया विधानसभा सीट से कैंडिडेट बनने के दावेदार थे, लेकिन भाजपा से उन्हें मौका नहीं मिला. उनके स्थान पर पार्टी ने आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है.
नरोत्तम मिश्रा ने रैली को संबोधित भी किया. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दतिया में राजा और रंक की लड़ाई हो रही है. उन्होंने कहा कि अगर दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी संस्कारी होते तो चुनाव में हार नहीं मिलती. अगर जीतू पटवारी संस्कारी थे तो दतिया से चुनाव लड़ लेते. यही नहीं कांग्रेस कैंडिडेट घनश्याम सिंह को लेकर उन्होंने कहा कि वह चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं. भाजपा में टिकट को लेकर फूट वाली बात भी नरोत्तम मिश्रा ने खारिज की. उनका कहना था कि फूट भाजपा में नहीं बल्कि कांग्रेस में है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन में राजेंद्र भारती को अंदर तक ले भी नहीं गए. मोहन यादव ने पार्टी से बहुत कुछ मिलने की बात भी कही. भावुक होते हुए उन्होंने कहा, "पार्टी ने 30 साल तक विधायक और 15 साल तक मंत्री बनाकर बहुत कुछ दिया है." इतना कहकर वे भावुक हो गए और रोने लगे. भाषण खत्म करके वे जैसे कुर्सी पर बैठे खुद मुख्यमंत्री ने उनका हाथ थामा और बात की.
सीएम मोहन यादव बोले- नरोत्तम जी के नेतृत्व में लड़ेगा आशुतोष
इस दौरान सीएम मोहन यादव ने नरोत्तम मिश्रा की तारीफ भी की. सीएम ने कहा, नरोत्तम जी आपके नेतृत्व में आशुतोष चुनाव लड़ने आया है. दुश्मन चालाक है, आंखों में धूल झोकता है. उन्होंने यह भी कहा कि नरोत्तम मिश्रा मेरे पुराने मित्र हैं. बता दें कि नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने इसे लेकर खूब बवाल भी काटा था. अंत में पूर्व मंत्री ने समर्थकों से शांत रहने की अपील की और कहा कि यह मेरे लिए भी मंथन करने का अवसर है. उन्होंने यह कहते हुए संतोष भी किया कि मुझ में ही कोई कमी होगी. बता दें कि नरोत्तम मिश्रा भाजपा के पिछले कार्यकाल में काफी ताकतवर मंत्री थे. ऐसे में उन्हें टिकट न मिलने से राजनीतिक हलचल तेज है. हालांकि अब नरोत्तम मिश्रा पार्टी की बात को स्वीकार करते और आशुतोष मिश्रा के साथ नजर आ रहे हैं.
आशुतोष की तारीफ में बोले नरोत्तम- बचपन में ही घर छोड़ दिया था
उन्होंने कहा कि हमारे प्रत्याशी बचपन में ही समाज सेवा के लिए घर से निकल गए. पूर्व मंत्री ने कहा कि दिग्विजय सिंह मुझे रावण बोल रहे थे, मैं साढ़े सात हजार से चुनाव हारा इसलिये रावण बोल रहे हैं. दिग्विजय सिंह साढ़े 3 लाख से वोट हारे वो संस्कारी हैं? मेरे दतिया के मालिकों कांग्रेस के षड्यंत्र को समझना होगा. यह भ्रम फैला रहे है. राजा होम्योपैथी की एक्सपाइरी गोली है जो मीठी तो होती है पर असर नही होता. इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी नरोत्तम मिश्रा की तारीफ की.