नर्मदा नदी सिमट रही, जल स्तर कम होने से 'नाभि स्थल' तक पहुंचना मुश्किल, दिखने लगे पत्थर

इस साल नर्मदा का जलस्तर लगातार कम होने से हालात बदल गए हैं. नदी में कई स्थानों पर पानी इतना कम हो गया है कि पत्थर और रेत दिखने लगी है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
नर्मदा नदी में जलस्तर कम होने से दिखने लगे पत्थर, फंस रहीं नाव.

हरदा: मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा का जलस्तर इन दिनों लगातार घट रहा है। हरदा जिले के हंडिया घाट पर हालात ऐसे हैं कि श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र नाभि स्थल तक पहुंचना भी मुश्किल होता जा रहा है. जलस्तर में आई भारी कमी ने नाव संचालकों और श्रद्धालुओं दोनों की चिंता बढ़ा दी है. हंडिया में स्थित मां नर्मदा का पवित्र नाभि स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. नर्मदा नदी के बीच स्थित इस स्थल के एक ओर ऋद्धेश्वर महादेव और दूसरी ओर सिद्धेश्वर महादेव मंदिर मौजूद हैं, जिनके दर्शन के लिए यहां दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं. 

कहा जाता है कि मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से लेकर उनके समुद्र संगम तक के प्रवाह में हंडिया का यह स्थान आध्यात्मिक दृष्टि से केंद्र बिंदु माना जाता है. इसी कारण इसे "नर्मदा नाभि स्थल" कहा जाता है. 

"नर्मदा नाभि स्थल" पहुंचना मुश्किल.

नर्मदा नदी को जीवित इकाई का दर्जा, फिर भी नियमों का उल्लंघन; NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने दिए कड़े निर्देश

रेत में फंस रही नाव 

इस साल नर्मदा का जलस्तर लगातार कम होने से हालात बदल गए हैं. नदी में कई स्थानों पर पानी इतना कम हो गया है कि पत्थर और रेत दिखने लगी है. इससे नावों का संचालन मुश्किल हो रहा है. श्रद्धालुओं को नाभि स्थल तक पहुंचाने वाले नाविकों का कहना है कि कई जगह नाव रेत में फंस रही हैं. इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मां नर्मदा केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन का आधार है. ऐसे में जलस्तर में लगातार हो रही गिरावट न सिर्फ पर्यावरण बल्कि धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से भी चिंता का विषय बनती जा रही है. 

Narmada River

इतना कम पानी पहले नहीं देखा 

श्रद्धालु मुकेश जोशी ने कहा कि उन्होंने पहले कभी नर्मदा में इतना कम जलस्तर नहीं देखा. आस्था के इस केंद्र तक पहुंचना अब पहले की तुलना में काफी कठिन हो गया है. 

 नर्मदा जिले में बदलाव से साफ, 2027 में गुजरात में बनेगी 'आप' की सरकार 

नाव का संचालन और प्रभावित हो सकता है

नाव संचालक रामविलाश केवट ने बताया कि जल स्तर कम होने से नाव चलाने में काफी परेशानी हो रही है. अवैध रेत खनन, नर्मदा पर बने बांधों और शहरों तक पानी पहुंचाने के लिए बिछाई गई पाइपलाइन जलस्तर घटने के संभावित हो सकते हैं. अगर, यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में नाव संचालन और भी प्रभावित हो सकता है. 

हरदा में पुल के नीचे भी नदी में पानी का स्तर काफी कम है.

Featured Video Of The Day
केतन हत्याकांड की पूरी INSIDE स्टोरी समझिए
Topics mentioned in this article
Narmada River News
MP News
Harda News Hindi
Harda News Today
MP News In Hindi