Muslim Community Protest Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्लॉटर हाउस और गोहत्या को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है. इसी कड़ी में मुस्लिम समाज के लोगों ने सड़क पर उतरकर गोहत्या का खुलकर विरोध किया. इस दौरान उन्होंने शांति पूर्ण और अनोखे तरीके से प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग रखी, बल्कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिए जाने की मांग भी उठाई. प्रदर्शन ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
सड़कों पर उतरा मुस्लिम समाज
भोपाल में गोहत्या के मामलों को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गोहत्या किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चाहे मामला किसी भी धर्म से जुड़ा हो, ऐसी घटनाओं को रोका जाना जरूरी है.
अनोखे तरीके से किया प्रदर्शन
इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि मुस्लिम समाज के लोगों ने गायों को सब्जियां खिलाकर अपना विरोध जताया. उनका कहना था कि यह विरोध नफरत या राजनीति से प्रेरित नहीं है, बल्कि संवेदनशीलता और इंसानियत से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि गाय केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों से भी जुड़ी हुई है.
गोहत्या को बताया इंसानियत के खिलाफ
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गोहत्या का मुद्दा किसी धर्म या राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है. यह सीधा‑सीधा मानवता और संवेदनशीलता का सवाल है. उन्होंने मांग की कि राजधानी सहित राज्य के अन्य हिस्सों में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए.
नगर निगम और महापौर पर लगाए आरोप
मुस्लिम समाज ने इस मामले में नगर निगम और महापौर को जिम्मेदार ठहराया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गोहत्या की घटनाएं बिना किसी संरक्षण के संभव नहीं हो सकतीं. उन्होंने मांग की कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए महापौर को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि गोहत्या से जुड़े मामलों में कई लोग संलिप्त हैं और बिना राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण के यह संभव नहीं है. उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाना चाहिए.
गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की मांग
प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समाज की ओर से गौमाता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिए जाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई. उनका कहना था कि इससे गायों के संरक्षण को मजबूती मिलेगी और गोहत्या जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग पाएगी.
पिछले मामले से जुड़ा है पूरा विवाद
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भोपाल के एक स्लॉटर हाउस से गोमांस की आपूर्ति का मामला सामने आया था. इसे लेकर बड़े स्तर पर विरोध हुआ था. शहर के बीचों‑बीच स्थित इस स्लॉटर हाउस की अनुमति पर भी सवाल खड़े किए गए. कारोबारी पर रोहिंग्या शरणार्थियों को बसाने तक के आरोप लगे थे, जिसके बाद से मामला लगातार गरमाया हुआ है.














