Indore Water: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर एक बार फिर पानी को लेकर चर्चा में है. भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की सप्लाई से डेढ़ दर्जन लोगों की मौत और करीब 200 लोगों के अस्पताल पहुंचने की घटना के बाद अब नर्मदा जल आपूर्ति परियोजना की पाइपलाइन फूटने का मामला सामने आया है. इस बार मामला कथित ज़हर नहीं बल्कि पानी की भारी बर्बादी से जुड़ा है.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जमीन से पानी ऊंची-ऊंची लहरों के साथ फव्वारे की तरह बाहर निकल रहा है. यह कोई सजावटी फव्वारा नहीं बल्कि इंदौर की लाइफलाइन नर्मदा नदी का पानी है, जो पाइपलाइन फूटने के कारण तेज दबाव के साथ बहता नजर आया.
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह इंदौर के निपानिया इलाके में इस्कॉन टेंपल के पास नर्मदा जल आपूर्ति परियोजना की पाइपलाइन में लीकेज देखा गया. तेज रफ्तार से पानी दूर तक फैल रहा था. सूचना मिलते ही जलदाय विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत कार्य शुरू किया.
पाइपलाइन फूटने से इतना अधिक पानी बहा कि आसपास के रहवासी सहम गए. लोगों को डर था कि पानी उनके घरों में घुस सकता है. हालांकि बाद में विभागीय टीम ने स्थिति पर काबू पा लिया. स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पाइपलाइन के कई हिस्सों में पहले से लीकेज मौजूद हैं.
उल्लेखनीय है कि भागीरथपुरा इलाके में भी पाइपलाइन लीकेज के कारण दूषित पानी घर-घर पहुंचा था, जिसने जहर का रूप ले लिया और कई लोगों की जान चली गई. इसके बावजूद जल आपूर्ति व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं हो पाया.
आंकड़ों के मुताबिक साल 2025 में इंदौर में पानी की गुणवत्ता को लेकर कुल 266 शिकायतें दर्ज हुईं. इनमें ज़ोन-4 से 23 शिकायतें आईं, जिनमें से 16 का निपटारा किया गया जबकि बाकी मामलों को बंद कर दिया गया. नर्मदा पाइपलाइन बदलने की फाइल नवंबर 2024 में तैयार हो चुकी थी. टेंडर जुलाई 2025 में निकला, लेकिन वर्क ऑर्डर दिसंबर 2025 के आखिरी हफ्ते में जारी किया गया.
'दीदी दोस्त को हार्ट अटैक आया है', फोन पर भाई की आवाज सुन बहन ने पैसे भेज दिए और हो गई साइबर ठगी की शिकार














