हाथी को सशर्त जमानत, मालिक-महावत जेल में! ऑटो चालक की मौत मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला

इंदौर के चर्चित विजय होलकर मौत मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. हाथी को सशर्त जमानत देते हुए वन विभाग और साधु-संतों की निगरानी में रखा है, जबकि महावत और मालिक की जमानत याचिका खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया. हाथी के व्यवहार में बदलाव, ट्रांजिट परमिट जांच और वन विभाग की निगरानी समेत मामले की हर पहलू से जांच जारी है.

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  • इंदौर में ऑटो चालक की मौत के बाद हाथी को सशर्त जमानत मिली और उसे साधु-संतों की निगरानी में रखा गया.
  • न्यायालय ने हाथी को सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल करने पर रोक लगाई और उसकी गतिविधियों पर वन विभाग नजर रखेगा.
  • हाथी के मालिक संदीप निर्मोही और महावत उमेश गोस्वामी की जमानत याचिका खारिज कर उन्हें जेल भेजा गया है.

इंदौर में ऑटो चालक विजय होलकर की मौत से जुड़े चर्चित हाथी मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. जिला एवं सत्र न्यायालय ने जहां हाथी को सशर्त जमानत देते हुए वन विभाग और साधु-संतों की निगरानी में रखने का आदेश दिया है, वहीं महावत उमेश गोस्वामी और मालिक संदीप निर्मोही को कोई राहत नहीं मिली. दोनों की जमानत याचिका खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया है. कोर्ट ने साफ किया है कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक हाथी इंदौर नहीं छोड़ सकेगा और उसकी हर गतिविधि पर वन विभाग की नजर रहेगी.

हाथी को मिली सशर्त जमानत

विजय होलकर की मौत के बाद जब्त किए गए हाथी को वन विभाग ने सशर्त जमानत पर छोड़ा है. कोर्ट के आदेश के अनुसार हाथी फिलहाल इंदौर में ही रहेगा और उसे साधु-संतों की सुपुर्दगी में रखा गया है. अंतिम न्यायिक निर्णय आने तक उसे जिले से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी.

सार्वजनिक कार्यक्रमों में ले जाने पर रोक

कोर्ट ने हाथी को लेकर कई शर्तें भी तय की हैं. हाथी को शहर में घुमाने, धार्मिक जुलूसों या किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल करने पर रोक लगा दी है. वन विभाग उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखेगा ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना दोबारा न हो.

मालिक और महावत को नहीं मिली राहत

मामले में हाथी के महावत उमेश गोस्वामी और मालिक संदीप निर्मोही को बड़ा झटका लगा है. जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी. इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. मामले में उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.

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कैसे हुई थी विजय होलकर की मौत?

यह घटना 26 जुलाई को राजनगर क्षेत्र में हुई थी. बताया गया कि ऑटो चालक विजय होलकर हाथी को गुड़ खिला रहे थे. इसी दौरान हाथी ने अचानक उन्हें अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया. इसके बाद उसने विजय को पैरों से कुचल दिया. गंभीर रूप से घायल विजय होलकर की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई.

दस्तावेजों और परमिट की भी हो रही जांच

वन विभाग इस मामले में केवल घटना की परिस्थितियों की ही नहीं, बल्कि हाथी से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रहा है. ट्रांजिट परमिट समेत अन्य जरूरी कागजातों की पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हाथी का परिवहन और रखरखाव नियमों के अनुसार किया था या नहीं.

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हाथी की देखभाल में बरती जा रही सावधानी

वन विभाग के अनुसार हाथी को फिलहाल पर्याप्त भोजन दिया जा रहा है. उसे घास, केले और पपीता खिलाया जा रहा है. बड़ी संख्या में लोग उसे देखने पहुंच रहे हैं, लेकिन हालिया घटना के बाद उसके करीब जाने से बच रहे हैं. हाथी की देखभाल में लगे साधु-संत और कर्मचारी भी पूरी सतर्कता बरत रहे हैं.

जांच में सामने आई नई जानकारी

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि हैदराबाद से लौटते समय नांदेड़ के पास हाथी के व्यवहार में बदलाव देखा था. बताया जा रहा है कि रास्ते में ट्रक पंचर हो गया था. इसके बाद हाथी ट्रक में वापस चढ़ने को तैयार नहीं हुआ और उसका व्यवहार आक्रामक होने लगा.

15 दिन पैदल चलकर पहुंचा था उज्जैन

जानकारी के मुताबिक ट्रक में नहीं चढ़ने के कारण हाथी को करीब 15 दिनों तक पैदल चलाकर उज्जैन लाया था. वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस लंबे और मुश्किल सफर का असर उसके व्यवहार पर पड़ा और इसके बाद उसका स्वभाव पहले की तुलना में अधिक चिड़चिड़ा हो गया.

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