MP में देश का पहला IGBC Nest Plus रेटिंग सर्टिफाइड प्रधानमंत्री आवास, जानिए गुना का ये घर क्यों है खास?

IGBC Nest Plus Rating PM Awas: विशेषज्ञों का मानना है कि आईजीबीसी एनईएसटी प्लस रेटिंग प्राप्त करना न केवल तकनीकी दृष्टि से चुनौतीपूर्ण था, बल्कि इसके लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता और संसाधनों का सही उपयोग भी आवश्यक था. मध्यप्रदेश का यह प्रयास अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा

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PM Awas: MP में देश का पहला IGBC Nest Plus रेटिंग सर्टिफाइड प्रधानमंत्री आवास, जानिए गुना का ये घर क्यों है खास?

IGBC Nest Plus PM Awas: मध्यप्रदेश ने सतत और पर्यावरण-अनुकूल आवास निर्माण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. एमपी का प्रधानमंत्री आवास (PM Awas) देश में पहली बार इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) की एनईएसटी प्लस रेटिंग से प्रमाणित हुआ है. यह गौरव गुना (Guna) जिले के आरोन क्षेत्र की ग्राम पंचायत पतलेश्वर के हितग्राही प्राणचंद के प्रधानमंत्री आवास को मिला है. गुना कलेक्टर (Guna Collector) किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक दुबे और अन्य अधिकारियों ने विभिन्न स्तरों पर बेहतर कार्य किया है.

IGBC NEST Rating PM Awas: प्रमाण पत्र

 क्यों खास है ये आवास?

यह प्रमाणन ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ, ऊर्जा-दक्ष और पर्यावरण-अनुकूल आवास निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है. प्रधानमंत्री आवास में ऊर्जा संरक्षण, जल दक्षता, बेहतर आंतरिक पर्यावरण गुणवत्ता और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे ग्रीन बिल्डिंग मानकों को प्रभावी रूप से अपनाया गया है. इससे न केवल आवास की गुणवत्ता बढ़ी है, बल्कि यह भविष्य के लिए एक आदर्श मॉडल भी प्रस्तुत करता है.

गुना कलेक्टर ने कहा कि जिले में विकास कार्यों को गति देने के लिए नवाचार किए जा रहे हैं. यह उपलब्धि ग्राम पंचायत पतलेश्वर और आरोन नगर के साथ-साथ पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है.

कलेक्टर ने आगे कहा कि इस सफलता से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले नए आवासों को अधिक टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और भविष्य-उन्मुख बनाने में मदद मिलेगी. यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ ऊर्जा और जल संरक्षण के महत्व को भी रेखांकित करती है.

एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?

विशेषज्ञों का मानना है कि आईजीबीसी एनईएसटी प्लस रेटिंग प्राप्त करना न केवल तकनीकी दृष्टि से चुनौतीपूर्ण था, बल्कि इसके लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता और संसाधनों का सही उपयोग भी आवश्यक था. मध्यप्रदेश का यह प्रयास अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और देशभर में हरित आवास निर्माण को प्रोत्साहित करेगा.

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