खून से खत लिख सिंधिया से न्याय मांग रहा मासूम, फर्जी डॉक्टर की जिंदगी खतरे में डाली; AIIMS ने बताई हालत नाजुक

Gwalior Write Letter With Blood: बच्चे के पिता का आरोप है कि डॉ कुलदीप सक्सेना नामक डॉक्टर ने बिना डिग्री के इलाज किया और हाई डोज एस्ट्रॉयड दवाएं दीं, जिससे बच्चे की हालत नाजुक हो गई है. सिंधिया ने बच्चे को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है.

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खून से पत्र लिख रहा बच्चा.

Madhya Pradesh Hindi News: ग्वालियर में एक नौ साल का बच्चा डॉक्टर की लापरवाही के चलते जिंदगी और मौत से जूझ रहा है. कक्षा-3 के छात्र ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को खून से चिट्ठी लिखकर न्याय दिलाने की गुहार भी लगाई है. साथ ही यह भी कहा कि बिना डिग्री के इलाज करने वाले लापरवाह डॉक्टर द्वारा अधिक डोज देने से उसकी जिंदगी खतरे में पड़ी है. अगर उसे सजा नदीं दी गई तो पीड़ित बच्चा और उसके पिता आत्मदाह कर लेंगे. सिंधिया ने उसे न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया.

एयरपोर्ट पर सिंधिया से मिला बच्चा

ग्वालियर शहर का ही रहने वाला मासूम यशवर्धन राठौर सिर्फ 9 साल का है और कक्षा-3 में पढ़ता है. वह गलत इलाज से उसकी जिंदगी संकट में डालने वाले कथित फर्जी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए भटक रहा है. बीती रात उसे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के ग्वालियर आगमन की सूचना मिली तो वह अपने पिता मोनू राठौर के साथ ग्वालियर के राजमाता एयरपोर्ट (Rajmata Airport Gwalior) पहुंच गया. उसने अपने खून से लिखा न्याय की गुहार वाला पत्र केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को सौंपा. सिंधिया ने पत्र को पढ़ा और गंभीरता जताई. उन्होंने पिता-पुत्र को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया.

इसके बाद जब सिंधिया एयरपोर्ट से रवाना हो रहे थे, तब एक बार फिर पिता पुत्र उनकी गाड़ी के  सामने आ गए. सिंधिया ने अपना काफिला रोक उनसे कहा कि वह बच्चे को न्याय जरूर दिलाएंगे.

क्या है मामला

बच्चे के पिता मोनू राठौर ने आरोप लगाया है कि बेटे यशवर्धन के सिर के बाल उम्र के हिसाब कम बढ़ रहे थे. बालों की कम ग्रोथ को देखते हुए वह शिंदे की छावनी पर क्लिनिक चलाने वाले  डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ कुलदीप सक्सेना के पास पहुंचे. वर्ष 2020 से 2024 तक उसका इलाज किया गया. इस दौरान कोई फायदा नहीं हुआ और यशवर्धन के बाल भी पूरी तरह गायब हो गए. साथ ही उसकी आंखों की रोशनी कम हो गई, दांत टेढ़े होने लगे. पिछले साल जब ग्वालियर में आयोजित स्वास्थ्य मेला (Health Fair) में एम्स भोपाल के डॉक्टर्स (Bhopal AIIMS Doctor) को दिखाया तो उन्हें भोपाल  जांच के लिए बुलाया. जहां शुरुआती जांच के बाद उन्हें दिल्ली एम्स (AIIMS Delhi) रेफर किया गया.

दिल्ली एम्स ने हालत नाजुक बताई

दिल्ली एम्स के डॉक्टर्स ने जांच कर बच्चे की हालत क्रिटिकल (नाजुक) बताई है. उन्होंने उसके कुछ सैंपल जांच के लिए अमेरिका भी भेजे हैं. डॉक्टर्स ने बताया कि जैसे-जैसे बच्चे की उम्र बढ़ेगी, वैसे-वैसे उसका शरीर और ज्यादा कमजोर होता जाएगा.

पत्नी के नाम है क्लिनिक

बच्चे के पिता का दावा है कि उनके द्वारा आरटीआई के जरिए निकाले गए रिकॉर्ड के मुताबिक डॉ कुलदीप सक्सेना के पास डर्मेटोलॉजिस्ट (Dermatologist) से जुड़ा कोई डिग्री डिप्लोमा नहीं है. वह अपनी पत्नी के नाम से पंजीकृत क्लिनिक पर ही खुद को स्किन एक्सपर्ट (Skin Expert) बताते हुए इलाज करता है. इसी डॉक्टर ने हाई डोज एस्ट्रॉयड दवाएं देकर बच्चे की जिंदगी बर्बाद की है. इन दवाओं के साइड इफेक्ट से बच्चे का जीवन आज खतरे में है.

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पिता का कहना है कि वह मेरे बच्चे की तरह न जाने कितने और लोगों की जान से खिलवाड़ कर चुका होगा और कर रहा है. पीड़ित परिवार इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, नेता प्रतिपक्ष जीतू पटवारी से लेकर अनेक नेता और अफसरों से न्याय की गुहार लगा चुका है. अब उसने खून से लिखा पत्र सिंधिया को सौंपा. सिंधिया ने उसे न्याय दिलाने और जांच करवाकर दोषी लोगो पर कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया.

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