गुजरात के कारोबारी की स्कॉर्पियो में 1 करोड़ मिले, गुना पुलिस ने 20 लाख लेकर छोड़ा, जानिए खाकी के सौदे की कहानी

Guna Crime News: डीआईजी अमित सांघी ने देर रात चौकी पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाले और घटना के समय तैनात पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए. इसके बाद उन्होंने टोल नाके का भी निरीक्षण किया. प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, मामले की जांच अभी जारी है.

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डीआईजी अमित सांघी पुलिस टीम के साथ देर रात जांच करने के लिए पहुंचे.

Guna Police Cash Seizure Controversy: मध्य प्रदेश के गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र की रूठियाई पुलिस चौकी पर चेकिंग के दौरान एक गाड़ी रोकी गई. पुलिस ने उस गाड़ी से एक करोड़ रुपये का संदिग्ध कैश बरामद किया  गया, लेकिन फिर सौदेबाजी कर उसे छोड़ दिए. बताया जा रहा है कि इसके लिए पुलिस ने 20 लाख रुपये लिए.   

यह जानकारी समाने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. इसके चलते शनिवार 21 मार्च की देर रात ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी खुद धरनावदा थाने और रूठियाई चौकी पहुंचे. जहां, उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों से घंटों तक सख्त पूछताछ की और इसके बाद थाना प्रभारी सहित तीन अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया.

पुलिसकर्मियों ने 20 लाख में किया सौदा 

सूत्रों के अनुसार, यह पूरी घटना गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात की है. नेशनल हाईवे-46 के टोल नाके पर रूठियाई चौकी के पास पुलिस टीम वाहनों की तलाशी ले रही थी. इसी दौरान गुजरात पासिंग नंबर GJ 05 RK 9351 की एक स्कॉर्पियो को रोका गया, जो किसी जीरा कारोबारी की बताई जा रही है. गाड़ी की तलाशी के दौरान उसमें नोटों के बंडल मिले, कुल रकम करीब एक करोड़ रुपये बताई गई. आरोप है कि इतनी बड़ी राशि पकड़े जाने के बाद नियमों के तहत आयकर विभाग या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बजाय मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने सेटलमेंट का रास्ता चुना. पुलिस और व्यापारी के बीच 20 लाख रुपये में डील फाइनल हुई. पुलिस ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये अपने पास रख लिए और बाकी 80 लाख रुपये के साथ कारोबारी को जाने दिया.

कारोबारी की गाड़ी टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी में हुई कैद.

क्या 20 लाख भी लौटाए?

मामले में नाटकीय मोड़ तब आया जब यह बात सामने आई कि गुजरात के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का फोन आने के बाद धरनावदा पुलिस ने सौदे के 20 लाख रुपये भी वापस कर दिए. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

डीआईजी ने देर रात लिए पुलिसकर्मियों के बयान   

हवाला से जुड़े इस संदिग्ध प्रकरण की खबर जब जिला मुख्यालय से लेकर प्रदेश स्तर तक पहुंची, तो प्रशासन सक्रिय हो गया. डीआईजी अमित सांघी ने देर रात मौके पर पहुंचकर पूरी चौकी के रिकॉर्ड खंगाले और घटना के समय तैनात पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए. सूत्रों के मुताबिक, डीआईजी ने सख्त लहजे में पूछताछ करते हुए यह जानने की कोशिश की कि इतनी बड़ी बरामदगी को रिकॉर्ड में क्यों नहीं लिया गया और किसके निर्देश पर गाड़ी को बिना कार्रवाई के छोड़ा गया. इसके बाद उन्होंने टोल नाके का भी निरीक्षण किया.

थाना प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मी निलंबित

डीआईजी अमित सांघी ने बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान संदिग्ध आचरण का मामला सामने आया है. प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि 19 तारीख की रात को जो कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह नहीं की गई. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं. प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना प्रभारी और तीन अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, अभी जांच जारी है. 

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