Ujjain Ayurveda AIIMS: उज्जैन में खुलेगा आयुर्वेद एम्स, सीएम मोहन यादव ने किया ऐलान

मध्‍य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में 1166.61 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया. इस दौरान उन्होंने आयुर्वेद के AIIMS की स्थापना की घोषणा की. सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और 2050 तक जल संकट खत्म करने की बड़ी योजना का भी ऐलान किया.

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मध्यप्रदेश के उज्जैन में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1166.61 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया. कार्यक्रम कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे. इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर, डॉ. प्रभुलाल जाटवा, पूर्व मंत्री पारस जैन, राजेंद्र भारती और नगर निगम एमआईसी के सदस्य उपस्थित रहे.

उज्जैन में खुलेगा आयुर्वेद का AIIMS

सीएम डॉ. यादव ने अपने संबोधन में समुद्र मंथन का उल्लेख करते हुए भगवान धनवंतरि का स्मरण किया. उन्होंने कहा कि जब समुद्र मंथन में भगवान धनवंतरि प्रकट हुए थे, तो उज्जैन जैसे पवित्र नगर को इससे अछूता नहीं रहना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि देश में प्रस्तावित तीन आयुर्वेद AIIMS में से एक मध्यप्रदेश को मिला है और इसे उज्जैन में स्थापित किया जाएगा. यह संस्थान आयुर्वेदिक चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में प्रदेश को नई पहचान देगा. 

सिंहस्थ 2028 की तैयारियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि सप्तपुरी में मोक्षदायिनी अवंतिका नगरी का विशेष महत्व है. हम भाग्यशाली हैं कि हमारा जन्म इस पावन नगरी में हुआ. वर्ष 2028 में होने वाला सिंहस्थ मेला वैश्विक स्तर का आयोजन होगा. उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी में दुनिया भर से श्रद्धालु आएंगे, शिप्रा में स्नान करेंगे और भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे.

2050 तक नहीं होगी पानी की चिंता

सीएम ने हरियाखेड़ी जल आवर्धन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि 1133.67 करोड़ रुपए की लागत से यह योजना तैयार की जा रही है. इसके पूरा होने के बाद वर्ष 2050 के सिंहस्थ में भी जल संकट की चिंता नहीं रहेगी. 

उन्होंने बताया कि उज्जैन में वर्तमान में प्रतिदिन 200 एमएलडी पानी की आवश्यकता है, जबकि योजना के बाद 450 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने की क्षमता विकसित हो जाएगी. इससे प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा. शहर में 17 नई पानी की टंकियां भी बनाई जा रही हैं.

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विकास के साथ रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में 800 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्यों की सौगात दी गई है. विकास के साथ रोजगार के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि नगर की माता-बहनें रेडिमेड कपड़ों के कारखानों में कार्य करेंगी और सरकार की ओर से 5 हजार रुपए तक का पारिश्रमिक सहयोग दिया जाएगा.

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