Chhattisgarh Obscene Dance Controversy: छत्तीसगढ़ राज्य की राजनीति में इन दिनों एक अनोखा विवाद छाया हुआ है. आमतौर पर विकास और योजनाओं पर भिड़ने वाले नेता अब कला और मर्यादा की परिभाषा को लेकर आमने-सामने हैं. विवाद तब शुरू हुआ जब एक सरकारी गेस्ट हाउस में हुए डांस को लेकर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इसे कला की अभिव्यक्ति बताया. इसके बाद कांग्रेस ने इसे छत्तीसगढ़ की संस्कृति का अपमान करार देते हुए सरकार पर हमला बोल दिया.
कला की परिभाषा पर मंत्री का तर्क
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि कला का दायरा बहुत बड़ा होता है और इसे किसी एक सीमा में नहीं बांधा जा सकता. उनके मुताबिक, कला का मतलब सिर्फ भजन-कीर्तन या पारंपरिक कार्यक्रम नहीं है. उन्होंने तर्क दिया कि स्कूलों से लेकर सामाजिक आयोजनों तक हर जगह नृत्य कला का हिस्सा है. इसी संदर्भ में उन्होंने रेस्ट हाउस में हुए डांस का बचाव करते हुए कहा कि अगर कोई अपनी कला दिखा रहा है, तो उसे संकीर्ण नजरिए से देखना गलत है.
कांग्रेस का कड़ा पलटवार और संस्कृति का हवाला
मंत्री के बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी. प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अश्लील डांस को कला का दर्जा देना छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति का अपमान है. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग ऐसी गतिविधियों को कला बता रहे हैं, उन्हें प्रदेश की परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों की समझ नहीं है. बैज ने आरोप लगाया कि यह भाजपा की सोच हो सकती है, लेकिन इसे छत्तीसगढ़ की मर्यादा से नहीं जोड़ा जा सकता.
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मर्यादा और राजनीति के बीच उलझी बहस
यह विवाद अब सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सियासी लड़ाई का रूप ले चुका है. जहां सरकार कला की व्यापकता और अभिव्यक्ति की आजादी की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इसे सामाजिक मर्यादा और प्रदेश की पहचान से जोड़कर सरकार को घेर रहा है. जनता भी देख रही है कि राजनीति में कला और अश्लीलता के बीच की रेखा आखिर कहां खींची जाएगी.
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