बृजेन्द्र कुमार: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सरगुजा संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम को बड़ी सफलता मिली है. टीम ने झारखंड के नशीले इंजेक्शन के सबसे बड़े सप्लायर रंजीत विश्वकर्मा और उसके पार्टनर्स को गिरफ्तार किया है. कार्रवाई में 7 लाख 50 हजार रुपए कीमत के अवैध नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए हैं और सप्लाई से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
पहले चरण में 1200 नशीले इंजेक्शन जब्त
दरअसल, संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में पूर्व छत्तीसगढ़, बलरामपुर की सीमा से लगे गोदरमाना क्षेत्र में कार्रवाई की थी. इस दौरान झारखंड निवासी अनूप गुप्ता और सरगुजा जिले के बतौली निवासी विनय गुप्ता के कब्जे से करीब 6 लाख रुपए कीमत के 1200 नग नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए थे. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था.
पूछताछ में सप्लायर नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपी अनूप गुप्ता ने बताया कि वह यह नशीला इंजेक्शन झारखंड के गढ़वा जिले के रंजीत विश्वकर्मा से खरीदता था. उसने यह भी बताया कि रंजीत विश्वकर्मा के साथ मंजूर अंसारी और प्रमोद कुमार मिलकर नशीले इंजेक्शन की सप्लाई का काम करते हैं.
साइबर सेल की मदद से तीनों आरोपी ट्रेस
जानकारी मिलने के बाद सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने सरगुजा डीआईजी राजेश अग्रवाल से साइबर सेल की मदद मांगी. साइबर सेल की सहायता से गढ़वा के तीनों आरोपियों रंजीत विश्वकर्मा, मंजूर अंसारी और प्रमोद का मोबाइल लोकेशन लगातार ट्रेस किया गया.
पलटन घाट से 1500 इंजेक्शन के साथ गिरफ्तारी
लोकेशन ट्रेस होने के बाद रामानुजगंज क्षेत्र के पलटन घाट में दबिश देकर तीनों आरोपियों को एक साथ गिरफ्तार किया गया. इस दौरान उनके पास से 1500 नग नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए, जिनकी बाजार कीमत करीब 7 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है. सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
रंजीत विश्वकर्मा की गिरफ्तारी से बड़ा नेटवर्क टूटा
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि 30 जनवरी 2026 को बतौली क्षेत्र में गोदरमाना निवासी अनूप गुप्ता और उसके जीजा को 1200 नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ में अनूप गुप्ता ने बताया कि यह माल वह गढ़वा के रंजीत विश्वकर्मा, मंजूर अंसारी और प्रमोद जायसवाल से खरीदते थे, जिसमें रंजीत विश्वकर्मा मुख्य आरोपी है.
उन्होंने बताया कि रंजीत विश्वकर्मा की गिरफ्तारी से छत्तीसगढ़ में करीब 50 प्रतिशत नशीले इंजेक्शन के कारोबार पर रोक लगेगी. इसी आधार पर डीआईजी राजेश अग्रवाल से साइबर सेल की मदद ली गई और अंततः रामानुजगंज के पलटन घाट से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इस दौरान भी आरोपियों के पास एक बैग में करीब 7 लाख 50 हजार रुपए कीमत के अवैध नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए.














