चीता परियोजना के तहत दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से लाए गए 9 चीते कूनो नेशनल पार्क पहुंच चुके हैं. केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रतीकात्मक रूप से क्रेट का हैंडल घुमाकर चीतों को कूनों के विशेष क्वारंटीन बाड़ों में छोड़ा. इनमें 6 मादा और 3 नर चीते शामिल हैं. चीतों को बाड़े में छोड़ने के बाद केंद्रीय मंत्री ने चीता प्रोजेक्ट को सफल बताया.
जानकारी के अनुसार, करीब 12 घंटे की हवाई यात्रा के बाद चीते ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे, जहां से उन्हें तीन हेलीकॉप्टरों के जरिए कूनो लाया गया. नए चीतों के आने से देश में चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है.
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट की शुरूआत की गई थी. इसके बाद से चीतों को बसाने के लिए कूनो नेशनल पार्क में निर्धारित प्रोटोकॉल और गाइडलाइन के अनुसार काम किया जा रहा है. कूनो के राष्ट्रीय उद्यान के 750 वर्ग किलोमीटर में चीतों के रहवास के लिए उपयुक्त है. इसके अलावा करीब 3 हजार वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र दो जिलों श्योपुर और शिवपुरी में चीतों के स्वंच्छद वितरण के लिए है.
अब देश में 47 हो गई चीतों की संख्या
अब देश में चीतों की संख्या 48 हो गई है. नए चीते कूनो के बाड़े में हैं. इसके अलावा 36 कूनो नेशनल पार्क में, 3 गांधी सागर अभयारण्य में 17 सितंबर 2022 को लाए गए 8 नामीबियाई चीतों में से 3 स्थापित हैं, उनके 17 भारतीय जन्मे शावकों सहित कुल नामीबियाई मूल की स्थापित आबादी 20 हो गई है. 18 फरवरी 2023 को लाए गए 12 दक्षिण अफ्रीकी चीतों में से 8 स्थापित हैं और उनके 11 भारतीय जन्मे शावकों सहित कुल दक्षिण अफ्रीकी मूल की स्थापित आबादी 19 हो गई है. इनमें से 16 कूनो में एवं 3 गांधी सागर में हैं.













