National Green Tribunal: राजधानी भोपाल के अयोध्या बायपास चौड़ीकरण के लिए 8000 हरे पेड़ों की कटाई को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल( NGT में आज सुनवाई होगी. पिछली सुनवाई में NGT ने बायपास चौड़ीकरण के लिए प्रस्तावित 8000 हरे पेड़ों को काटने पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद प्रोजेक्ट में खटाई पड़ गया है.
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खटाई में पड़ सकता है 16 किलोमीटर लंबा 10 लेन वाला प्रोजेक्ट
गौरतलब है एनजीटी द्वारा हरे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने से करीब 16 किलोमीटर लंबे 10 लेन वाला अयोध्या बायपास चौड़ीकरण प्रोजेक्ट खटाई में पड़ सकता है. हालांकि बिना हरे पेड़ों के काटे सड़क चौड़ीकरण का काम बदस्तूर जारी रहेगा. हालांकि एनजीटी ने सुनवाई के दौरान बड़े ही सख्त अंदाज में कहा है कि, नियम पहले, प्रोजेक्ट बाद में होता रहेगा.
10 लेन सड़क बनने के लिए 8000 हर पेड़ काटने का था प्रस्ताव
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा हरे पेड़ों की कटाई पर लगाई रोक के बाद अयोध्या बायपास की चौड़ीकरण और 10 लेन सड़क बनाने का कार्य थम गया है. हालांकि अभी तक कमेटी की रिपोर्ट सामने नहीं आई है. मामले की आज होने वाली सुनवाई के बाद आगे का रास्ता तय होगा. एनजीटी ने टिप्पणी में प्रतिपूरक वनीकरण को लेकर भी जवाब मांगा है?
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हरे पेड़ों की कटाई ने वृक्ष संरक्षण कानून पर उठा दिए सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या बाइपास चौड़ीकरण के लिए प्रस्तावित 8000 हरे पेड़ों की कटाई के फैसले ने वृक्ष संरक्षण कानून पर भी सवाल उठा दिए हैं. बायपास चौड़ीकरण के लिए 8000 हरे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाते हुए एनजीटी में अपनी टिप्पणी में प्रतिपूरक वनीकरण पर भी सरकार से जवाब मांगते हुए कहा था कि विकल्पों पर भी विचार जरूरी है.














