Bhopal Slaughter House Case: भोपाल के स्लॉटर हाउस मामले में बड़े खुलासे हुए हैं. स्लॉटर हाउस के संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा का कारोबार मध्य प्रदेश के अलावा कई राज्यों में फैला हुआ है, जिनमें बिहार, बेंगलुर, हैदराबाद और महाराष्ट्र शामिल हैं. असलम की पुलिस रिमांड आज खत्म हो रही है, उसकी कोर्ट में फिर से पेशी होगी. पूछताछ में माल शिपिंग कंटेनरों के जरिए मुंबई भेजने की बात सामने आई है. इसके साथ ही विदेशी कनेक्शन की भी जांच की जा रही है.
नगर निगम ने स्लॉटर हाउस के संचालन, टेंडर प्रक्रिया, अनुमति पत्रों और निगरानी को लेकर जांच समिति का गठन किया है. मामले में एसआईटी (SIT) नगर निगम के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है. नगर निगम ने प्रारंभिक जांच में गंभीर अनियमितताओं के संकेत के बाद वसीम खान, सलीम खान, राजा खान, शेख यूसुफ, वहीद खान, मोहम्मद फैयाज खान, ईसा मोहम्मद और अब्दुल रहमान को निलंबित किया है.
17 दिसंबर को पकड़ा गया था गोमांस
दरअसल, 17 दिसंबर की रात हिंदू संगठनों ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) के सामने एक ट्रक को रोका था, जिसमें करीब 25 से 26 टन मांस होने का दावा किया गया. ट्रक को जब्त कर सैंपल जांच के लिए भेजा गया था. इसके बाद 7 जनवरी को मथुरा लैब से आई फॉरेंसिक रिपोर्ट ने गोमांस की पुष्टि की थी. रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस को सील कर दिया है.
नियमों से भी खिलवाड़
नियमों के मुताबिक, बूचड़खाने को सिर्फ 85 भैंसों के वध की अनुमति थी. अधिकतम उत्पादन मानें तो 12.75 टन से ज़्यादा मांस संभव ही नहीं था. जब्त खेप इससे दोगुनी से भी ज्यादा थी. बता दें कि मध्य प्रदेश में वर्ष 2004 से गौ-वध पर प्रतिबंध है.
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