बस्तर पंडुम 2026: नक्सलवाद के अंत के बाद खुलेगा एडवेंचर टूरिज्म का रास्ता- गृह मंत्री अमित शाह

बस्तर पंडुम 2026 के समापन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद खत्म होते ही बस्तर में एडवेंचर टूरिज्म की शुरुआत की जाएगी. जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में बस्तर की संस्कृति, आदिवासी परंपराओं और विकास योजनाओं पर जोर दिया.

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Bastar Pandum 2026: बस्तर की धरती से एक बड़ा संदेश सामने आया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में साफ कहा कि जैसे ही नक्सलवाद पूरी तरह खत्म होगा, वैसे ही बस्तर में एडवेंचर टूरिज्म की शुरुआत की जाएगी. उन्होंने कहा कि बस्तर अब डर की पहचान से बाहर निकलकर विकास, संस्कृति और संभावनाओं की नई राह पर आगे बढ़ रहा है.

दरअसल, सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुंचे. यहां उन्होंने ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित तीन दिवसीय संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शिरकत की. कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर की.

मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर स्वागत

जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर गृह मंत्री अमित शाह का भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, महापौर संजय पांडे सहित कई जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया.

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का संबोधन

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि माओवाद के खात्मे की घोषणा 24 अगस्त 2024 को की गई थी, जिसे 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया. उन्होंने कहा कि उस समय इस पर भरोसा सिर्फ दो लोगों को था, एक गृह मंत्री अमित शाह और दूसरा बस्तर की जनता, जो वर्षों से इस दर्द को झेल रही थी. उन्होंने बताया कि आज सिर्फ 10 से 15 प्रतिशत क्षेत्र में ही माओवाद बचा है और इस सफलता का श्रेय पूरी तरह से सुरक्षा बलों के जवानों को जाता है.

डेढ़ साल में बदली बस्तर की तस्वीर

विजय शर्मा ने कहा कि बीते डेढ़ साल में बस्तर की तस्वीर तेजी से बदली है. आजादी के बाद जिन गांवों में कभी तिरंगा नहीं फहरा था, वहां इस साल 26 जनवरी को 43 गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज लहराया गया. उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम का आयोजन भी पूरी तरह बस्तर के लोगों के फैसले से हुआ है.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का उद्बोधन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर पंडुम बस्तर की आत्मा, संस्कृति और परंपराओं का उत्सव है. यह आयोजन सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान को सहेजने और आगे बढ़ाने का प्रयास है. बस्तर पंडुम के दौरान वन औषधीय उत्पाद, पेय पदार्थ, आदिवासी आभूषण, आंचलिक साहित्य और जनजातीय व्यंजन जैसी विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं हुईं. इन सभी श्रेणियों के विजेताओं को मंच पर सम्मानित किया गया.

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उत्साह दुश्मनों तक पहुंचे- अमित शाह  

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि बस्तर पंडुम का उत्साह इतना जबरदस्त होना चाहिए कि उसकी गूंज तेलंगाना में छुपे नक्सलियों तक पहुंचे. उन्होंने मां दंतेश्वरी के जयकारे के साथ अपने भाषण की शुरुआत की.

अमित शाह ने बताया कि इस आयोजन की शुरुआत 7 जिलों की 1885 ग्राम पंचायतों से हुई थी. पहले जहां 7 विधाएं थीं, वहीं इस बार 12 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं. जनपद और जिला स्तर से चयन होकर प्रतिभागी फाइनल तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि इस आयोजन में 55 हजार से ज्यादा नागरिकों ने भाग लिया, जो कभी नक्सलियों के डर से सहमा हुआ इलाका था.

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बस्तर की संस्कृति को बचाने का प्रयास

गृह मंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में कभी IED धमाके होते थे, वहां आज हजारों लोग बस्तर की कला, संस्कृति, शिल्प, व्यंजन और आभूषणों को जीवित रखने के लिए एकजुट हुए हैं. उन्होंने कहा कि बस्तर की आदिवासी संस्कृति दुनिया के दूसरे आदिवासी क्षेत्रों से कहीं ज्यादा समृद्ध है.

अमित शाह ने घोषणा की कि बस्तर पंडुम के विजेताओं को राष्ट्रपति भवन बुलाकर सम्मानित किया जाएगा. इससे बस्तर की संस्कृति को देश और दुनिया में नई पहचान मिलेगी.

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नक्सलियों से हथियार छोड़ने की अपील

अमित शाह ने कहा कि सरकार किसी से लड़ना नहीं चाहती, बल्कि आदिवासियों की सुरक्षा उसका उद्देश्य है. उन्होंने हथियार उठाए लोगों से अपील की कि वे हथियार डाल दें. सरकार ने आकर्षक पुनर्वास पैकेज तैयार किया है और अब तक 2500 लोग इसका लाभ लेकर सामान्य जीवन में लौट चुके हैं.

विकास की बड़ी योजनाओं का ऐलान

गृह मंत्री ने कहा कि अगले पांच साल में बस्तर को देश के सबसे विकसित क्षेत्रों में शामिल किया जाएगा. सभी गांवों में बिजली पहुंचाई जाएगी, हर पांच किलोमीटर पर बैंक या पोस्ट ऑफिस खोला जाएगा. उन्होंने बताया कि 118 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है और सुकमा-दंतेवाड़ा क्षेत्र के 2.75 लाख हेक्टेयर के लिए इंद्रावती नदी पर सिंचाई परियोजना लाई जाएगी.

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नक्सलवाद खत्म होते ही एडवेंचर टूरिज्म

अमित शाह ने साफ कहा कि जैसे ही नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त होगा, बस्तर में एडवेंचर टूरिज्म की शुरुआत की जाएगी. इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और बस्तर की पहचान एक नई दिशा में आगे बढ़ेगी. कार्यक्रम के समापन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली के लिए रवाना हो गए.  

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