बरगी बांध क्‍या है? 31 यात्र‍ियों से भरा क्रूज डूबा, 4 के शव मिले, कई यात्री अभी भी लापता, रेस्‍क्‍यू जारी

जबलपुर के बरगी बांध में आज (30 अप्रैल 2026) शाम को 31 यात्र‍ियों से भरा एक बड़ा क्रूज हादसा हुआ. खराब मौसम के कारण खमरिया टापू के पास क्रूज डूबने से 4 लोगों की मौत हो गई. यह बांध नर्मदा की पहली बड़ी परियोजना है और पर्यटन का मुख्य केंद्र है. प्रशासन की रेस्क्यू टीमें फिलहाल लापता लोगों की तलाश कर रही हैं.

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  • जबलपुर के बरगी बांध में 30 अप्रैल 2026 को क्रूज पलटने से चार शव बरामद और कई यात्री अभी भी लापता हैं
  • हादसा तेज आंधी और उफनती लहरों के कारण हुआ, जिससे क्रूज अनियंत्रित होकर जलराशि में समा गया था
  • बरगी बांध नर्मदा नदी पर स्थित है, जो सिंचाई, बिजली उत्पादन और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण स्थल है
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Bargi Dam Cruise Tragedy MP: मध्‍य प्रदेश के जबलपुर के मशहूर पर्यटन स्थल बरगी बांध में 30 अप्रैल 2026 की शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जिसने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है. 31 पर्यटकों से भरा एक आलीशान क्रूज अचानक खराब मौसम की चपेट में आकर बांध की अथाह जलराशि में समा गया. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 4 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई यात्री अब भी लापता हैं. बरगी बांध, जो अपनी सुंदरता और 'वॉटर टूरिज्म' के लिए जाना जाता है.

मध्‍य प्रदेश में क्रूज कैसे हुआ हादसा? 

आज शाम करीब 5:30 बजे, जब सैलानी क्रूज पर सवार होकर नर्मदा की लहरों का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक मौसम ने करवट ली. खमरिया टापू के पास तेज आंधी और लहरों के दबाव के कारण क्रूज अनियंत्रित होकर पलट गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना अचानक था कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला. हालांकि, 15 जांबाज यात्री तैरकर किनारे तक आने में सफल रहे, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

बरगी बांध क्या है?

जो लोग इस क्षेत्र से अनजान हैं, उनके मन में सवाल है कि बरगी बांध क्या है? दरअसल, यह मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बना पहला विशाल और महत्वपूर्ण बांध है.

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ऐतिहासिक महत्व: इसका निर्माण 1974 में शुरू हुआ और 1990 में यह पूर्ण हुआ. इसे 'रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना' के नाम से भी जाना जाता है.

पर्यटन का गढ़: यह बांध न केवल सिंचाई और 90 मेगावाट बिजली उत्पादन के काम आता है, बल्कि जबलपुर का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र भी है. यहाँ मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का रिसॉर्ट है, जहाँ लोग क्रूज सफारी, बोट राइड और वॉटर स्पोर्ट्स के लिए आते हैं. 

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विशालता: 5.4 किलोमीटर लंबे इस बांध की गहराई और विस्तार इसे बेहद खूबसूरत लेकिन खतरनाक भी बनाता है. 

रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई

जबलपुर जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि SDRF और स्थानीय गोताखोरों की टीमें अंधेरे के बावजूद लापता 31 यात्रियों की तलाश में जुटी हैं. बांध के 17 से 21 गेटों की जलभराव क्षमता और वर्तमान जल स्तर को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है. प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि क्या खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद क्रूज को ले जाने में लापरवाही बरती गई थी. 

मध्य प्रदेश के जबलपुर में बड़ा हादसा, क्रूज डूबने से 4 की मौत, 31 लोग थे सवार

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