बगलामुखी मंदिर में 'मिर्ची हवन'; सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी देने पर खैर नहीं, चार अकाउंट्स के खिलाफ शिकायत

आगर-मालवा के नलखेड़ा बगलामुखी मंदिर के नाम पर सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार के खिलाफ मंदिर प्रबंधन ने चार अकाउंट्स पर शिकायत दर्ज कराई है. “बगलामुखी हवन” को “मिर्ची हवन” बताकर फैलाए जा रहे भ्रम पर पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है. मंदिर प्रबंधन ने NDTV से क्या कुछ कहा जानिए.

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बगलामुखी मंदिर के नाम पर भ्रामक प्रचार; ‘मिर्ची हवन’ को लेकर मंदिर समिति ने पुलिस में की शिकायत

Baglamukhi Temple Mirchi Havan Controversy: मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर के नाम का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर किए जा रहे भ्रामक प्रचार के मामले ने तूल पकड़ लिया है. मंदिर प्रबंध समिति ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए चार सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. समिति का आरोप है कि इन अकाउंट्स के जरिए धार्मिक अनुष्ठानों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में भ्रम फैल रहा है. खासतौर पर “बगलामुखी हवन” को “मिर्ची हवन” के नाम से प्रचारित किया जा रहा है, जिसे मंदिर प्रबंधन ने पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है. इस मामले में पुलिस से जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है. इस बारे में NDTV ने मंदिर प्रबंधन के सचिव व तहसीलदार प्रियंक श्रीवास्तव से बात की और पूरे मुद्दे को विस्तार से समझा.

‘मिर्ची हवन' के नाम से फैलाया जा रहा भ्रम

NDTV से बात करते हुए प्रियंक श्रीवास्तव ने कहा कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ अकाउंट्स द्वारा मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों को गलत नाम और रूप में पेश किया जा रहा है. “बगलामुखी हवन” को “मिर्ची हवन” बताकर प्रचारित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं के बीच भ्रम की स्थिति बन रही है. समिति का कहना है कि इस तरह की भ्रामक जानकारी न केवल धार्मिक परंपराओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करती है, बल्कि मंदिर की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है.

Baglamukhi Temple Nalkheda: मां बगलामुखी मंदिर

मंदिर परिसर में ‘मिर्ची हवन' की नहीं है अनुमति

मंदिर प्रबंधन के सचिव व तहसीलदार प्रियंक श्रीवास्तव ने NDTV पर साफ किया है कि मंदिर परिसर में तथाकथित “मिर्ची हवन” जैसी कोई परंपरा या अनुमति नहीं है. इसके बावजूद कुछ लोग मंदिर के नाम और प्रसिद्धि का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैला रहे हैं. इससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के गुमराह होने का खतरा बढ़ रहा है, जो यहां आकर अलग तरह की अपेक्षाएं लेकर पहुंचते हैं.

प्रबंध समिति ने स्पष्ट किया है कि मंदिर के नाम का दुरुपयोग कर गलत या भ्रामक जानकारी फैलाना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है. यदि भविष्य में भी कोई व्यक्ति या संस्था ऐसा करती पाई गई, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

मंदिर प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही संदिग्ध जानकारियों से सतर्क रहें. यदि किसी भी प्रकार की गलत सूचना सामने आती है, तो इसकी जानकारी तुरंत मंदिर प्रबंधन को दें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें.

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पुलिस को सौंपे साक्ष्य, कार्रवाई की मांग

मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर प्रबंधन ने नलखेड़ा थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी है. शिकायत के साथ संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स के URL लिंक, स्क्रीनशॉट और अन्य साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे गए हैं. समिति ने मांग की है कि मामले की जांच कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके.

अधिकृत जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या पूजा से संबंधित जानकारी के लिए केवल अधिकृत स्रोतों पर ही भरोसा करें. सोशल मीडिया पर प्रसारित अप्रमाणित जानकारी को आधार बनाकर निर्णय न लें.

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