Baloda Bazar Aagjani Case: बलौदा बाजार आगजनी और हिंसा मामले में गिरफ्तार जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गिरीश पाल सिंह की अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है. पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद शुक्रवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था, जहां उन्होंने जमानत अर्जी दाखिल की थी. हिंसा मामले में पुलिस बुधवार को डेढ़ साल बाद उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर तलब कर सेंट्रल जेल रायपुर से बलौदा बाजार लाई थी. अब कोर्ट ने उन्हें 20 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने के आदेश दिए हैं. चूंकि अमित बघेल पहले से ही रायपुर सेंट्रल जेल में निरुद्ध हैं, इसलिए उन्हें वहीं भेजा गया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी.
हिरासत में लिए गए थे देवेंद्र नेताम
वहीं, इस मामले में पार्टी से जुड़े अन्य नेताओं पर भी पुलिस की कार्रवाई सामने आई है. जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश सचिव देवेंद्र नेताम को 14 जनवरी की रात करीब 8 बजे भिलाई स्थित उनके निवास से बलौदा बाजार क्राइम ब्रांच पुलिस के नाम से हिरासत में लिया गया था. पूछताछ के बाद 15 जनवरी की रात उन्हें छोड़ दिया गया.
देवेंद्र नेताम से हुई थी पूछताछ
पुलिस ने देवेंद्र नेताम से पारिवारिक विवरण, सामाजिक कार्यक्रमों की जानकारी, व्यवसाय और रोजगार से जुड़ी जानकारियां लीं. इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है. पुलिस ने अमित बघेल से जुड़े कई अहम सामान भी जब्त किए हैं. पुलिस ने अमित बघेल की इनोवा गाड़ी, संगठन का लेटर हेड, छत्तीसगढ़िया गमछा और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं. पुलिस इन सभी जब्त सामग्री के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है.
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अधिवक्ता सुरेश वर्मा ने कहा कि 20 जनवरी तक के लिए ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया गया है. जमानत अर्जी लगाई गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया है. जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रदेश सचिव देवेंद्र नेताम ने बताया कि पुलिस जो जांच कर रही है. उसके लिए मुझे भी पुलिस लाई थी प्रारंभिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है डीटेल लिया जा रहा है.
ये था मामला
दरअसल, 10 जून 2024 को बलौदा बाजार में सतनामी समाज के प्रदर्शन के दौरान हुए उग्र प्रदर्शन और भारी हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटना सामने आई थी. इस दौरान बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया था. वहीं, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और संयुक्त कार्यालय समेत कई शासकीय दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी. मामले की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके बाद जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल को आरोपी बनाया गया.














