Surya Namaskar Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाओं को घर और बाहर दोनों के कार्यों की जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं. ऐसे में खुद के लिए समय निकाल पाना आसान नहीं होता, लेकिन अगर दिन की शुरुआत सिर्फ 10–15 मिनट के सूर्य नमस्कार से की जाए, तो यह छोटी-सी आदत बड़े फायदे दे सकती है.
महिलाओं को सूर्य नमस्कार क्यों करना चाहिए?
यह सिर्फ एक व्यायाम नहीं, बल्कि तन और मन को संतुलित रखने का आसान और असरदार तरीका है. महिलाओं में अक्सर हार्मोनल असंतुलन की समस्या देखने को मिलती है. कभी पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं, कभी मूड स्विंग्स परेशान करते हैं, तो कभी बिना वजह थकान बनी रहती है.
महिलाओं को सूर्य नमस्कार कब करना चाहिए?
जो महिलाएं पीरियड्स की अनियमितता या पीसीओडी जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं, उनके लिए भी सूर्य नमस्कार फायदेमंद माना जाता है. नियमित अभ्यास से शरीर का मेटाबॉलिज्म सुधरता है और वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है, इससे मासिक धर्म चक्र को संतुलित रखने में भी सहायता मिल सकती है.
सूर्य नमस्कार से कौन से रोग ठीक होते हैं?
सूर्य नमस्कार शरीर की एंडोक्राइन ग्रंथियों, खासकर थायरॉइड और पैंक्रियाज, पर सकारात्मक असर डालता है, इसके अलग-अलग आसनों के दौरान शरीर में खिंचाव और दबाव बनता है, जिससे इन अंगों में रक्त प्रवाह बेहतर होता है, इसका असर धीरे-धीरे हार्मोन संतुलन पर दिखने लगता है.
जल्दी नींद आने के लिए कौन सा योग करें?
सिर्फ शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी सूर्य नमस्कार बेहद लाभकारी है. हर आसन के साथ जब हम सांसों पर ध्यान देते हैं, तो मन धीरे-धीरे शांत होने लगता है, तनाव और चिंता कम होती है. आजकल कई महिलाएं अनिद्रा या हल्की नींद की समस्या से परेशान रहती हैं. रोज़ सूर्य नमस्कार करने से शरीर थकान को सही तरीके से रिलीज करता है और दिमाग रिलैक्स होता है, जिससे रात में नींद बेहतर आने लगती है.
इसके अलावा, सूर्य नमस्कार पॉश्चर सुधारने में भी मदद करता है, लंबे समय तक बैठकर काम करने से पीठ और गर्दन में दर्द आम बात हो गई है. नियमित अभ्यास से शरीर लचीला बनता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और झुककर बैठने की आदत में सुधार आता है, इससे आत्मविश्वास भी बढ़ता है, क्योंकि सही पॉश्चर हमारी पर्सनालिटी को निखारता है.
सबसे अच्छी बात यह है कि सूर्य नमस्कार करने के लिए किसी खास उपकरण या बड़ी जगह की जरूरत नहीं होती. बस एक योगा मैट और थोड़ी-सी लगन चाहिए. शुरुआत में आप चार या छह राउंड से शुरू कर सकती हैं और धीरे-धीरे संख्या बढ़ा सकती हैं. सुबह खाली पेट करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, लेकिन अगर सुबह समय न मिले तो शाम को भी किया जा सकता है.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)