पिसी हुई दालचीनी को शहद के साथ मिलाकर खाने से क्या होता है? जानिए कब और कैसे करें सेवन

Benefits Of Honey And Cinnamon: दालचीनी और शहद का मिश्रण आयुर्वेद में एक शक्तिशाली औषधि माना जाता है. अध्ययनों से पता चलता है कि प्राकृतिक उपचार हल्के मौसमी संक्रमणों से राहत दिला सकते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
दालचीनी को शहद के साथ मिलाकर खाने से क्या होता है?
Freepik

Benefits Of Honey And Cinnamon: सर्दियों के मौसम में सेहत का बहुत ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि सर्दियों में इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है. ऐसे में कुछ नेचुरल चीजों का सेवन सेहत के लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकता है. सर्दियों में बुखार और गले में खराश जैसी मौसमी बीमारियां बढ़ जाती हैं. अध्ययनों से पता चलता है कि प्राकृतिक उपचार हल्के मौसमी संक्रमणों से राहत दिला सकते हैं. दालचीनी और शहद मौसमी संक्रमणों के उपचार के लिए दो सबसे अच्छे तत्व हैं. पिसी हुई दालचीनी और शहद का मिश्रण आयुर्वेद में एक शक्तिशाली औषधि माना जाता है. चलिए आपको बताते हैं पिसी हुई दालचीनी को शहद के साथ मिलाकर खाने से क्या होता है?

यह भी पढ़ें:- पेट हमेशा रहता है गड़बड़, खाने में इन 5 मसालों को करें शामिल, बॉडी को मिलेंगे कई फायदे

इम्यूनिटी बूस्ट

एक्सपर्ट के मुताबिक, दालचीनी और शहद दोनों में व्यक्तिगत रूप से रोगाणुरोधी और सूजनरोधी गुण होते हैं. दालचीनी पाउडर और शहद एनर्जी और रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को बढ़ा सकते हैं, जिससे शरीर संक्रमणों से लड़ने के लिए तैयार हो जाता है. दालचीनी के सूजनरोधी, एंटीऑक्सीडेंट और रोगाणुरोधी गुण गले की खराश को दूर करने में मदद कर सकते हैं. ये सर्दी-जुकाम के लक्षणों को कम करने में भी सहायक होते हैं.

अच्छे बैक्टीरिया बढ़ेंगे

इसके जीवाणुरोधी गुण तनाव के कारण होने वाले आम मौसमी संक्रमणों के प्रसार को कम करते हैं. शहद मिलाने से यह नेचुरल जीवाणुरोधी और सुखदायक प्रभाव भी प्रदान करता है. दालचीनी और शहद अच्छे बैक्टीरिया के लेवल को बढ़ा सकते हैं. जब आंतें स्वस्थ नहीं होतीं, तो शरीर मौसमी संक्रमणों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है.

याददाश्त बढ़ाने में मददगार

दालचीनी और शहद याददाश्त बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं. वहीं, शहद में मौजूद पॉलीफेनॉल अल्जाइमर जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं. दालचीनी और शहद खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करके कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में भी सहायक हो सकते हैं. इससे हार्ट रोग का खतरा कम हो सकता है.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

Advertisement

Featured Video Of The Day
जुमे की नमाज, भारी भीड़... जामा मस्जिद से ग्राउंड रिपोर्ट, देखें VIDEO
Topics mentioned in this article