Child Development Issues: आज के दौर में अक्सर सुनने को मिलता है आज के बच्चे बहुत समझदार हो गए हैं. कम उम्र में टेक्नोलॉजी चलाना, अपनी बात खुलकर रखना और बड़े सवाल पूछना उन्हें पिछली पीढ़ी से अलग बनाता है. लेकिन, इसी के साथ एक सवाल भी उठता है क्या ये समझदारी सच में परिपक्वता है, या फिर उम्र से पहले आई जिम्मेदारियों और दबाव का नतीजा? कहीं ऐसा तो नहीं कि जो समझदारी हमें दिख रही है, उसके पीछे छुपी हो परेशानी, तनाव और अकेलापन?
आज के बच्चे जिस माहौल में बड़े हो रहे हैं, वह पहले से बिल्कुल अलग है. मोबाइल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन पढ़ाई, प्रतिस्पर्धा, तुलना और मां-बाप की ऊंची अपेक्षाएं ये सब उनके मन पर गहरा असर डालती हैं. कई बार बच्चे समझदार इसलिए दिखते हैं क्योंकि उन्हें अपनी परेशानियां खुद ही संभालनी पड़ती हैं. ऐसे में मां-बाप के लिए यह समझना बेहद जरूरी हो जाता है कि बच्चा सच में मजबूत है या चुपचाप सब सह रहा है. आइए जानते हैं ऐसे 5 संकेत, जो मां-बाप को समय रहते समझ लेने चाहिए.
बच्चों को समझने के लिए पहचानें ये संकेत | Recognize These Signs to Understand Children
1. उम्र से ज्यादा गंभीर रहना
अगर बच्चा बहुत कम हंसता है, खेलकूद में रुचि नहीं लेता और हर बात को जरूरत से ज्यादा गंभीरता से लेता है, तो यह चिंता का संकेत हो सकता है. यह समझदारी नहीं, बल्कि अंदर दबा तनाव भी हो सकता है.
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2. हर बात में खुद को दोष देना
बार-बार मेरी वजह से हुआ, मैं ठीक नहीं हूं जैसे वाक्य कहना इस बात का इशारा है कि बच्चा खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाल रहा है.
3. अकेले रहना ज्यादा पसंद करना
थोड़ा अकेलापन सामान्य है, लेकिन अगर बच्चा दोस्तों, परिवार और बातचीत से दूरी बनाने लगे, तो यह भावनात्मक परेशानी का संकेत हो सकता है.
4. गुस्सा या चिड़चिड़ापन बढ़ जाना
छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा, चुप्पी या अचानक रो देना ये सब संकेत हैं कि बच्चा अंदर ही अंदर बहुत कुछ झेल रहा है.
5. हर समय परफेक्ट बनने की कोशिश
हर काम में परफेक्शन की जिद, गलती से डरना और फेल होने की चिंता ये संकेत बताते हैं कि बच्चा समझदार नहीं, बल्कि डरा हुआ है.
मां-बाप क्या करें?
बच्चों को सिर्फ समझदार नहीं, सुरक्षित और सुना हुआ महसूस कराना जरूरी है. उनसे रोज खुलकर बात करें, बिना जज किए सुनें और यह भरोसा दें कि गलती करना ठीक है. प्यार और समय ही बच्चों की सबसे बड़ी ताकत है.
आज के बच्चे वाकई तेज हैं, लेकिन इसके साथ वे ज्यादा सेंसिटिव भी हैं. मां-बाप अगर इन संकेतों को समय रहते समझ लें, तो बच्चा न सिर्फ समझदार बनेगा, बल्कि खुश और मानसिक रूप से मजबूत भी रहेगा.