दिल्‍ली में बच्‍चों के गायब होने की खबरें निकली अफवाह, पर माता-पिता बच्‍चों की सुरक्षा के लिए करें ये काम, जरूर सिखाएं ये बातें

कई ऐसे काम हैं जो माता-पिता अपने बच्‍चों की सुरक्षा को ध्‍यान में रखकर कर सकते हैं. साथ ही बच्‍चों को भी ऐसी बातें सिखानी चाहिए कि वे कैसे भी विपरीत परिस्थिति में फंसने पर वहां से निकल सकें.  

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पिछले कई दिनों से खबरें आ रही थीं कि दिल्ली से लगातार लोग गायब हो रहे हैं. इनमें बच्‍चे भी शामिल हैं. पर अब दिल्‍ली पुलिस ने इन अफवाहों पर लगाम लगाते हुए बयान जारी किया है और इन्‍हें गलत बताया है. पुलिस ने कहा है कि गुमशुदगी, विशेषकर बच्चों के लापता होनें को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों से घबराने की जरूरत नहीं है. दिल्‍ली पुलिस के इस बयान से पेरेंट्स की चिंता कम हुई है, लेकिन कई ऐसे काम हैं जो माता-पिता अपने बच्‍चों की सुरक्षा को ध्‍यान में रखकर कर सकते हैं. साथ ही बच्‍चों को भी ऐसी बातें सिखानी चाहिए कि वे कैसे भी विपरीत परिस्थिति में फंसने पर वहां से निकल सकें.  

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दिल्‍ली में बच्‍चों के गायब होने की अफवाह 

कुछ दिन पहले से सोशल मीडिया पर अचानक ऐसी खबरें आने लगीं कि दिल्‍ली में लोगों के गायब होने का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. गायब होने वाले लोगों में बच्चे, महिलाएं भी श‍ामिल हैं. इसके बाद दिल्‍ली पुलिस हरकत में आई और इन खबरों की जांच की गई. अब दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया कि कुछ तथाकथित रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट पेड प्रमोशन के जरिए ये खबरें जानबूझकर फैलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य जनता में डर और घबराहट पैदा करना है. पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि कुछ लोग निजी लाभ के लिए गलत सूचनाएं फैलाकर माहौल खराब कर रहे हैं.

पेरेंट्स इन चीजों का रखें ध्‍यान 

  1. अक्‍सर बच्‍चे पर बुरी नजर रखने वाले लोग या किडनैपर्स उन्‍हें बहलाते, फुसलाते हैं. उनके परिवार के किसी सदस्‍य का नाम लेकर बात करते हैं जिससे बच्‍चा उन पर भरोसा करे. इसके लिए आप बच्‍चे को ऐसे लोगों के बारे में सतर्क करें पर साथ ही अपनी फैमिली का एक ऐसा सीक्रेट कोड बनाएं जो केवल फैमिली वालों को पता हो और जिसका प्रयोग इमरजेंसी में किया जाता हो. इस कोड को तब पूछना है जब किसी पर शक हो. इससे बच्‍चा उसके पास आ रहे अनजान व्यक्ति को परख सकता है. 
  2. पेरेंट्स बच्‍चे को घर से दूर अकेले भेजने से बचें. अगर वह ट्यूशन जाता है तो दूसरे बच्‍चों के साथ जाए वरना कोई घर का सदस्‍य बच्‍चे को लेकर जाए. बच्‍चे की सेफ्टी का ध्‍यान रखें. 
  3. बच्चे को बताएं कि अगर कभी बच्‍चा भीड़ की वजह से पेरेंट्स से बिछड़ जाए, तो वह सुरक्षित जगह की तलाश करके वहां रुके. जैसे आपसपास पुलिस वाले हों, या गार्ड हों, या कोई महिला जिसके साथ उसके बच्चे हों, उनसे मदद मांगे. 
  4. बच्‍चों को ये जरूर बताएं कि वे अपने घर का पता, भाई-बहन के नाम, फोन नंबर किसी अनजान व्यक्ति से शेयर ना करें. अगर किसी को बच्‍चे का नाम पता भी हो, और वह उन्‍हें नाम लेकर पुकारे, तो भी बच्‍चा उस पर भरोसा ना करे. 

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बच्‍चों को जरूर सिखाएं ये 7 बातें 

  1. बच्चे को सबसे पहले गुड व बैड टच की पहचान करना सिखाएं. सुरक्षा के लिहाज से यह बहुत जरूरी स्‍टेप है. इससे बच्‍चे समझ सकेंगे कि किस पर भरोसा करना है और किस पर नहीं. 
  2. बच्चों से रोज बात करे. जिससे वो अपने दिन की हर बात, चाहे स्‍कूल से रिलेटिड हो या ट्यूशन से, दोस्‍तों से या रिश्‍तेदारों से, वो हर बात आपसे शेयर करें. 
  3. अगर बच्‍चा छोटा है तो उसे पेरेंट्स का नाम, फोन नंबर, घर का पता, घर के आसपास की लोकेशन व एक इमरजेंसी नंबर याद करा दें. 
  4. बच्‍चे को अजनबियों से बात करने से मना करें. ये भी समझाएं कि कोई ज्‍यादा फ्रंडली हो तो भी अजनबी से बच्‍चा दूर ही रहे. 
  5. बच्‍चे को पता होना चाहिए कि वो कहां खेलने जा सकता है, उसे किन जगहों पर जाना है और कहां नहीं. 
  6. छोटे बच्‍चे अक्‍सर खेलते हुए या दोस्‍तों संग दूर निकल जाते हैं. इसलिए उन्‍हें बताना जरूरी है कि वे सुनसान जगहों पर जाकर ना खेलें. इसी तरह पार्किंग लॉट में ना जाएं. 
  7. बच्‍चों को ये समझाना बहुत जरूरी है कि अगर कोई उन्‍हें उनकी मनपसंद खाने की चीज दे तो भी उन्हें वह नहीं खानी है. 
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