Surajkund Mela: सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट मेले ने हर किसी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है. इसमें मिलने वाले सामान जो कि हाथों से बनाएं गए हैं लोगों का ध्यान खींच रहे हैं. अगर आप इस मेले में हो आए हैं तो आपको इसका अंदाजा जरूर होगा. हरियाणा के सूरजकुंड में 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला लगा हुआ है. ‘लोकल टू ग्लोबल, आत्मनिर्भर भारत की पहचान' थीम पर आधारित इस मेले को लोग दूर-दूर से देखने आते हैं. बता दें कि इस माला में 50 से ज्यादा देशों और 700 से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हुए हैं. यहां पर आपको शिल्प, लोककला और संस्कृति के इस उत्सव में भारत की विविधता के साथ वैश्विक रंग भी साफ नजर आ रहे हैं. बता दें कि अब ये मेला अपने अंतिम पड़ाव पर है. इस मेलें में लोकगीतों की धुन, ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक कलाओं की झलक ना सिर्फ देशी पर्यटकों बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी खूब आकर्षित कर रही है. जैसा की हमने बताया है कि अब मेला अपने अंतिम पड़ाव पर है तो ये मौका है उन लोगों के लिए जो अपनी कई पसंदीदा चीजों को उसके प्राइज की वजह से छोड़ आए हैं.
सस्ती हो गई चीजें
मेले के अंतिम दिनों में अपनी बिक्री को बढ़ाने के लिए और ग्राहकों को लुभाने के लिए वहां पर स्टॉल लगाने वाले लोगों ने खूब अच्छे-अच्छे डिस्काउंट देने लगे हैं. शिल्पकारों मे अपने स्टॉल्स पर अच्छे-खासे डिस्काउंट के बोर्ड लगा दिए हैं. तो अगर आप भी मेला घूम आए हैं या फिर अभी तक नहीं गए हैं तो एक बार चक्कर जरूर लगा लीजिए क्योंकि अब वहां पर जो सेल लगी है उसमें आपको बेहतर प्राइज में बढ़िया चीजें मिल सकती हैं.
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क्या मिल रहा है?
सूरजकुंड मेले में आपको हाथ से बुने कपड़े, कॉटन, सिल्क और ऊन की साड़ियां और शॉल्स खूब देखने को मिलेंगे जिनको आप खरीद सकते हैं. इसके साथ ही यहां होम डेकोर की खूब चीजें भी मिल रही हैं जैसे कुशन कवर, एंटीक पीस, क्रॉकरी. वहीं बात करें कपड़ों की तो आपको अलग-अलग तरह की कढ़ाई और हाथ से बनाए गए स्टोल, दुपट्टे और कपड़ों पर की गई सुंदर कढ़ाई वाले कई आइटम्स भी मिल जाएंगे.
खान-पान
अगर आप खाने-पीने के शौकीन हैं और आपको अलग-अलग जगह की चीजें खाना और ट्राई करना पसंद है तो इस बार वहां पर राजस्थान का स्पेशल अचार और नमकीन भी मिल रही है जिसे लोगों ने खूब पसंद भी किया है.
किनके लिए है फायदे
मेले के आखिरी दिनों में मेले में जाकर खरीदारी करना उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को पसंद करते हैं, क्योंकि इस समय उन्हें बेहतरीन छूट का लाभ मिल सकता है.
कैसे पहुंचे सूरजकुंड मेला?
अगर आप यहां मेट्रो से जाने की सोच रहे हैं तो आपको दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन से बदरपुर बॉर्डर या सराय स्टेशन पर उतरकर कैब या ऑटो करना है और मेले पर पहुंच जाना है. अगर आप खुद की गाड़ी से ये बस से जाने की सोच रहे हैं तो आप आसानी से सूरजकुंड मेला पहुंच सकते हैं.
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