Ekadashi 2026: एकादशी के दिन चावल नहीं खाते? लेकिन इस गांव में खूब शौक से खाए जाते हैं एकादशी पर चावल, पूज्य राजन जी महाराज से जानें

2026 Ekadashi: जया एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. ऐसा मन जाता है इस दिन व्रत रखने से पापों को नष्ट होता है, मन शुद्ध होता है और जीवन में सुख-समृद्धि मिलती है. 

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एकादशी के दिन किसका सेवन वर्जित माना जाता है?

2026 Ekadashi: जया एकादशी (Ekadashi) के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. ऐसा मन जाता है इस दिन व्रत (Ekadashi Vrat) रखने से पापों को नष्ट होता है, मन शुद्ध होता है और जीवन में सुख-समृद्धि मिलती है. इस साल जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी 2026, गुरुवार (Ekadashi Kab Hai) को रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्लपक्ष की एकादशी प्रारंभ 28 जनवरी 2026, बुधवार की शाम 04:35 बजे और समाप्त 29 जनवरी 2026, गुरुवार को दोपहर 01:55 बजे होगा. 

एकादशी के दिन क्या नहीं खाना चाहिए?

पूज्य राजन जी महाराज (Pujya Rajan Maharaj) के अनुसार एकादशी के दिन चावल खाना तो दूर, चावल का स्पर्श भी नहीं करना चाहिए. उस दिन तिलक करके चावल, अक्षत नहीं लगाया जाता, आगे महाराज जी बताते हैं एक स्थान ऐसा है धरती पर जहां एकादशी के दिन भी भगवान को चावल का भोग लगाया जाता है और उस स्थान का नाम है जगन्नाथ पुरी. जगन्नाथ भगवान को एकादशी के दिन खिचड़ी का भोग लगाया जाता है.

एकादशी के दिन क्या-क्या परहेज करना चाहिए?

पूज्य राजन जी महाराज जी (Pujya Rajan Maharaj Ji) बताते हैं कि अगर आप कभी दर्शन करने मंदिर जाएं, तो मंदिर के पीछे के परिसर में नीचे जेल बनी है. मान्‍यता है कि उस जेल में एकादशी बंद है. एक कथा जो कि पूज्य राजन जी महाराज जी (Pujya Rajan Maharaj Ji) एक वीड‍ियो में सुनामे हैं उसके अनुसार उस जेल में एकादशी को उल्टा लटकाया गया है.

पूज्य राजन जी महाराज जी (Pujya Rajan Maharaj Ji) ने जो कहानी सुनाई उसके अनुसार -

एकादशी जाकर भगवान जगन्नाथ से बोले कि 'मैं आ गई हूं. आज आप चावल नहीं खा सकते'

इस पर भगवान जगन्‍नाथ बोले - 'कौन हो तुम?'.

एकादशी ने अपना प‍र‍िचय दि‍या तो भगवान बोले - 'तो क्या हुआ.'

एकादशी ने आगे कहां - 'आज के दिन जहां मैं रहती हूं, वहां चावल नहीं खाया जाता है.'

भगवान बोले डालो जिल में. भगवान चावल खाते हैं प्रेम के कारण. 

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पूज्य राजन जी महाराज जी (Pujya Rajan Maharaj Ji) की इस कहानी के अनुसार पुरी में आज भी एकादशी के द‍िन चावल खाउ जाते हैं. तो अगर आप भी चावल खाने के इच्‍छुक हैं, तो जनाब आपको पुरी जाना होगा और आपके लिए स्‍वा‍द‍िष्‍ट चावल की रेस‍िपीज हम बता सकते हैं.

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