Parenting Tips: बच्चे जो कुछ भी सीखते हैं. वह सबसे पहले अपने बच्चों के सीखते हैं. घर का माहौल जितना हेल्दी होगा, बच्चे का मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही मजबूत होगा. ऐसा माना जाता है कि हर बच्चे का पहला हीरो पिता ही होता है. बच्चे अपने पिता से बहुत प्रभावित होते हैं. घर में पिता का हर काम, उनके बोलने का तरीका, उनकी आदतें, ये सब बच्चों के दिल दिमाग में बस जाते हैं. पिता सिर्फ कमाने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि घर में पिता से संस्कार, नैतिकता, अनुशासन, साहस और प्रेम सीखने की कोशिश की जाती है. इसलिए एक बच्चे के विकास, व्यवहार और भविष्य का निर्माण पिता की बहुत बड़ी भूमिका होती है. चलिए आपको बताते हैं कि एक पिता को अपने बच्चों के सामने कैसा व्यवहार करना चाहिए.
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बच्चे अपने पिता से क्या सीखते हैं?
बच्चे शब्दों से पहले व्यवहार सीखते हैं. बच्चे देखते हैं कि उनके पिता कैसे बोलते हैं? वे अपने गुस्से पर कैसे काबू रखते हैं? किन परिस्थितियों में वे धैर्य रखते हैं. वे उनकी नकल करने की भी कोशिश करते हैं. बच्चे भी अपने पिता को देखकर छोटी उम्र से ही ईमानदारी, जिम्मेदारी, दयालुता, समय की पाबंदी और अनुशासन जैसे गुण सीखते हैं.
आत्मविश्वास बढ़ानाअगर, पिता उनके हर छोटे-बड़े काम की तारीफ करते हैं, तो बच्चे बहुत गर्व महसूस करते हैं. यह तारीफ उनमें आत्मविश्वास भर देती है. वहीं दूसरी ओर अगर पिता उनके हर काम में कमियां निकालते हैं और उनकी आलोचना करते हैं, तो बच्चों का स्वभाव और भी ज़्यादा डरपोक हो जाता है.
अगर, घर में पिता हर छोटी-छोटी बात पर गुस्सा करते हैं, चिल्लाते हैं, मारते हैं, तो इसका बच्चों पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है. इससे बच्चों में डर बढ़ता है. असुरक्षा की भावना बढ़ती है. इसके अलावा हिंसा को बहुत सामान्य माना जाता है. वे भी दूसरों के साथ ऐसा ही व्यवहार करने की संभावना रखते हैं. खासकर लड़के अपने पिता से ऐसी ही चीज़ें करने की उम्मीद करते हैं. इसलिए, अगर पिता गुस्से में हैं, तो बच्चों में भी भविष्य में वैसा ही व्यवहार दिखाने की संभावना होती है.
पिता को बच्चों के सामने कैसा व्यवहार करना चाहिए?हर पिता को अपने बच्चों के सामने प्यार से बात करनी चाहिए. कठोरता से नहीं, बल्कि ऐसे तरीके से जिससे बच्चों को हिम्मत मिले. भावनाओं पर कंट्रोल रखना चाहिए यानी बच्चों के सामने गुस्सा, अधीरता या अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए. अपनी मां का सम्मान करें. यह बच्चों के लिए एक बहुत बड़ी सीख है. बच्चे अपने पिता से सीखते हैं कि अपने परिवार की देखभाल कैसे करें. बच्चों को अच्छी आदतें सीखने की जरूरत होती है. इसके अलावा बच्चे किताबें पढ़ना और व्यायाम करना भी अपने माता-पिता से सीखते हैं.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.