Parenting Tips: डांटने और पीटने से बच्चों में क्या बदलाव आते हैं? एक्सपर्ट से जानिए

Parenting Tips: कुछ माता-पिता अपने बच्चों के प्रति बहुत सख्त होते हैं और बच्चों को कंट्रोल करने के लिए वह हमेशा उन्हें डांटते, पीटते और डराते हैं. 

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Parenting Tips: बच्चों के पालन-पोषण में माता-पिता की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है, लेकिन कुछ माता-पिता अपने बच्चों के प्रति बहुत सख्त होते हैं और बच्चों को कंट्रोल करने के लिए वह हमेशा उन्हें डांटते, पीटते और डराते हैं. मनोविज्ञान विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार उनके मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालती है. बचपन के अनुभव जैसे दर्दनाक घटनाएं, शारीरिक दंड, अपमान और लगातार डांट-फटकार बच्चों के आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और समस्या-समाधान क्षमताओं को कम कर सकते हैं.

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बच्चों को डांटने और पीटने के क्या होता है?

बच्चों को लगातार डांटने से उनमें डर और अनिश्चितता का भाव पैदा हो जाता है. वे गलतियां करने से कतराते हैं. इस तरह उनके मन में एक तरह का डर पनपने लगता है. हालांकि, माता-पिता को यह शुरुआत में सकारात्मक लग सकता है, लेकिन अंततः यह बच्चों की रचनात्मकता, स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता और समस्या-समाधान कौशल को दबा सकता है. एक्सपर्ट के अनुसार, जिन बच्चों को लगातार शाप दिया जाता है, उन्हें अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में कठिनाई होती है और सामाजिक मेलजोल में समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

बच्चों का आत्मसम्मान कम होगा

यह बच्चों के आत्मसम्मान को कम कर देती हैं. लगातार डांटने और दंड देने से माता-पिता अनजाने में बच्चों के मन में यह भावना पैदा कर देते हैं कि मैं सही नहीं हूं. इसका उनके व्यक्तित्व पर बुरा असर पड़ता है. जिसके चलते वह जिम्मेदारियों को निभाने और समस्याओं को बुद्धिमानी से हल करने में पिछड़ जाते हैं.

बच्चों को कैसे समझाएं

ऐसे में बच्चों के साथ माता-पिता को कठोर दंड और प्रेम एवं मार्गदर्शन के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है. भावनात्मक सहारा, सकारात्मक प्रतिक्रिया और छोटी-मोटी गलतियों पर सलाह देने से बच्चों में अच्छे कौशल विकसित हो सकते हैं. लगातार मारना-पीटना और डांटना भविष्य में उनमें चिड़चिड़ापन, क्रोध और असहिष्णुता बढ़ा सकता है.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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