कम उम्र में ही चेहरे पर दिखने लगी हैं झुर्रियां, तो देसी घी का ऐसे करें इस्तेमाल, ड्राई स्किन और एजिंग की नहीं सताएंगी चिंता

Desi Ghee For Skin: आयुर्वेद में घी को किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है. अगर आप भी स्किन संबंधी इन समस्याओं को दूर करना चाहते हैं, तो देसी घी का ऐसे करें इस्तेमाल.

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Ghee For Skin: देसी घी में छिपा है सौंदर्य का खजाना.

आयुर्वेद में शुद्ध घी को 'अमृत' कहा जाता है क्योंकि ये सिर्फ मन के लिए ही लाभकारी नहीं होता है, बल्कि तन को भी अनगिनत फायदे देता है.  आंतों की कब्ज दूर करने से लेकर घी हड्डियों को मजबूती देता है, लेकिन क्या आज जानते हैं कि देसी घी त्वचा के लिए कितना फायदेमंद है? घी त्वचा को अंदर से पोषण देता है, ड्राइनेस कम करता है और नेचुरल ग्लो लाने में मदद करता है. सही मात्रा में उपयोग करने से स्किन हेल्दी और एजिंग सपोर्टेड रहती है.

आयुर्वेद के अनुसार घी के फायदे- (Benefits of Ghee according to Ayurveda)

आयुर्वेद में घी को शीतल, स्निग्ध और रसायन माना गया है. घी वात और कफ को संतुलित रखने में भी मदद करता है, जो त्वचा से जुड़े रोगों के पीछे की सबसे बड़ी वजह होती है. घी त्वचा को गहराई से पोषण देता है और गंदगी को खत्म कर चेहरे की मृत कोशिकाओं को हटाकर ग्लो लाने में भी मदद करता है. खास बात ये है कि घी में एजिंग को रोकने की क्षमता होती है. चेहरे पर आने वाली झुर्रियों को कम करने के लिए घी का सेवन करना लाभकारी रहेगा. 

स्किन के लिए कैसे फायदेमंद है देसी घी- (How is Desi Ghee beneficial for the skin)

देसी घी त्वचा को नरम बनाता है और सर्दियों में होने वाले रूखेपन से भी बचाता है, लेकिन घी के सेवन का तरीका और कुछ सावधानियां जाननी भी जरूरी हैं. पहले ये जानते हैं कि घी का इस्तेमाल कब और कैसे करना है. घी को सीमित मात्रा में भोजन में शामिल कर सकते हैं. सुबह और दोपहर के भोजन में घी का उपयोग आहार में किया जा सकता है. इसके अलावा, रात के समय घी को चेहरे के रूखे हिस्से पर भी लगाया जा सकता है.

घी का इस्तेमाल करते समय क्या बरतें सावधानिया- (What precautions should be taken while using ghee)

अब जानते हैं कि घी का प्रयोग करते हुए किन सावधानियों को बरतने की जरूरत है. अगर पाचन कमजोर है, तो एक सीमित मात्रा में ही घी का इस्तेमाल करें. अगर ऑयली स्किन है, तब भी घी का इस्तेमाल कम से कम करें क्योंकि ये मुहांसों और एक्ने का कारण बन सकता है. दिल से जुड़े रोगी और मधुमेह से पीड़ित लोगों को भी घी के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. दिल से जुड़े रोगियों को कम चिकनाई खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि घी कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है, जो दिल के रोगी के लिए खतरा है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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