सफर के दौरान UTI से रहते हैं परेशान, तो डॉक्टर द्वारा बताए इस घरेलू उपाय को एक बार जरूर आजमाएं

Tips to Prevent UTI While Traveling: यूटीआई के बड़े कारणों में से एक है पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल. अक्सर ट्रैवलिंग के दौरान हमें पब्लिक टॉयलेट यूज करना पड़ता है और जिससे यूटीआई का रिस्क बढ़ जाता है.

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Tips to Prevent UTI: ट्रैवलिंग के दौरान यूटीआई से बचने के उपाय.

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) आपके यूरिनरी सिस्टम में होने वाला एक बहुत ही कॉमन इन्फेक्शन है. यह आपके यूरिनरी सिस्टम के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है. बैक्टीरिया खासकर E. coli UTI का सबसे आम कारण हैं. इसके लक्षणों में बार-बार यूरिन पास करने की जरूरत महसूस होना, पेशाब करते समय दर्द होना और आपके शरीर के एक तरफ या पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना शामिल है. यूटीआई के बड़े कारणों में से एक है पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल. अक्सर ट्रैवलिंग के दौरान हमें पब्लिक टॉयलेट यूज करना पड़ता है और जिससे यूटीआई का रिस्क बढ़ जाता है. ऐसे में आज हम आपको doctorupasanavohra द्वारा शेयर एक इंस्टाग्राम वीडियो में बताए गए नुस्खे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप यूटीआई के खतरे से बच सकते हैं.

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) के लक्षण (Symptoms of Urinary Tract Infection (UTI))

  • UTI की वजह से आपके यूरिनरी ट्रैक्ट की अंदरूनी परत में सूजन आ जाती है. इस सूजन के कारण आपको ये समस्याएं हो सकती हैं:
  • आपके बगल, पेट, पेल्विक हिस्से या पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना.
  • आपके पेल्विक हिस्से के निचले भाग में दबाव महसूस होना.
  • धुंधला और बदबूदार पेशाब आना.
  • पेशाब पर कंट्रोल न रहना (यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस).
  • बार-बार पेशाब आना.
  • अचानक पेशाब करने की तेज इच्छा होना (अर्ज इनकॉन्टिनेंस).
  • पेशाब करते समय दर्द होना (डिसयूरिया).
  • पेशाब में खून आना (हीमेटूरिया).

ट्रैवलिंग के दौरान UTI से बचने का उपाय- (Ways to Prevent UTIs While Traveling)

ट्रैवलिंग के दौरान बहुत से लोग पानी पीने से ही कतराते हैं, ताकि उन्हें पेशाब न आए. पब्लिक टॉयलेट यूज करने से यूटीआई का खतरा भी होता है. लेकिन कम पानी पीने से परेशानी हो सकती है. पानी की कमी और यूटीआई से बचने के लिए आप सफर के दौरान अपने साथ सौंफ लेकर जाएं. कुछ समय के अंतराल में 4-5 दाने सौंफ के अपने मुंह में रखकर चबाते रहें. इससे शरीर ठंडा रहेगा. साथ ही इससे आप यूटीआई के खतरे से भी बच पाएंगे.

सौंफ खाने से यूटीआई होने का रिस्क कम हो जाता है. सौंफ (Fennel Seeds) अपने मूत्रवर्धक (diuretic), एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुणों की वजह से यूटीआई से बचने में मददगार होता है. यह बॉडी को डिटॉक्स कर किडनी से बैक्टीरिया बाहर निकालने में मदद करता है. साथ ही यूरिन में जलन कम करने और शरीर की गर्मी शांत करने में भी सहायक है.

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