क्या सुबह उठते ही होता है उल्टी जैसा मन, मौसम में बदलाव या वायरल इंफेक्शन है वजह? जान लीजिए कारण

Nausea Reasons: जरूरी नहीं कि हर बार गलत खान- पान के कारण ही उल्टी जैसा महसूस हो, ऐसा बदलते मौसम के कारण भी हो सकता है. ऐस में आइए जानते हैं, मौसम बदलाव और वायरल इंफेक्शन के बारे में.

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Morning Nausea Causes: वायरल इंफेक्शन के दौरान अपनी देखभाल के लिए आराम को प्राथमिकता दें.

Morning Nausea Causes: अब सर्दियां कम होती जा रही है और कुछ ही दिनों बाद गर्मियों की शुरुआत हो जाएगी. वहीं इस दौरान ज्यादातर लोगों को वायरल फीवर, कोल्ड, कफ जैसी बीमारियों से भी जूझना पड़ता है. इसी के साथ सुबह उठने पर लोगों को हल्का सिरदर्द, पेट में दर्द और उल्टी जैसा महसूस भी होता है. ऐसे में जब भी किसी को उल्टी जैसा मन या जी मिचलाता है, तो सबसे पहले ख्याल आता है, कि क्या मैंने कुछ उल्टा- सीधा खाया है, जिसकी वजह से उल्टी जैसा मन हो रहा है. बता दें, जरूरी नहीं कि हर बार गलत खानपान के कारण ही उल्टी जैसा महसूस हो, ऐसा बदलते मौसम के कारण भी हो सकता है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

बदलते मौसम के कारण भी आ सकती है उल्टी:

जी हां एक्सपर्ट्स के अनुसार बदलते मौसम के कारण भी उल्टी जैसा महसूस हो सकता है या अचानक से उल्टी आ सकती है. उल्टी के पीछे की सबसे आम वजह वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस है, जिसे आमतौर पर पेट का वायरल इंफेक्शन कहा जाता है.

बता दें, जब भी मौसम में बदलाव होता है, तो पेट का वायरल इंफेक्शन घर, स्कूल या ऑफिस जैसे भीड़-भाड़ वाली जगहों में काफी तेजी से फैलता है.

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क्या होते हैं वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस के लक्षण? | What Are the Symptoms of Viral Gastroenteritis?

वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस, यानी पेट के इंफेक्शन के  गंभीर लक्षण जैसे कि पतला दस्त, मतली, उल्टी, पेट में ऐंठन और हल्का बुखार हो सकता है. बता दें, यह इंफेक्शन पाचन तंत्र को काफी प्रभावित करता है. यह लक्षण आमतौर पर इंफेक्शन के 1 से 3 दिन बाद दिखाई देते हैं और 1 या 2 दिनों में ठीक हो जाते हैं.

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मौसम में बदलाव और वायरल इंफेक्शन में अंतर | Difference Between Seasonal Changes and Viral Infections

एक्सपर्ट्स के अनुसार, मौसम में बदलाव से हल्के लक्षण दिखाई देते हैं, जबकि वायरल इंफेक्शन ज्यादा गंभीर होते हैं. बता दें, कारण मौसम में बदलाव यानी तापमान में गिरावट से शारीरिक असुविधाएं होती हैं, जैसे स्किन का ड्राई हो जाना, सिरदर्द, चक्कर आना आदि, लेकिन वायरल इंफेक्शन से अचानक तेज बुखार, शरीर, मांसपेशियों में गंभीर दर्द, ठंड लगना, तेज खांसी, गले में खराश, थकान, उल्टी आना और दस्त लगना, तेज सिरदर्द होना शामिल है.

वायरल इंफेक्शन के दौरान कब करवाएं डॉक्टर से जांच?

अगर वायरल इंफेक्शन के लक्षण 7-10 दिनों से ज्यादा समय तक बने रहें, बुखार 100.4 से ज्यादा हो या 3-5 दिनों से ज्यादा समय तक बना रहे, या सांस लेने में कठिनाई, उल्टी होना, सीने में दर्द जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जरूर संपर्क करें.

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वायरल इंफेक्शन के दौरान कैसे रखें खुद का ख्याल? | How to Take Care of Yourself During a Viral Infection

वायरल इंफेक्शन के दौरान अपनी देखभाल के लिए आराम को प्राथमिकता दें और शरीर में पानी की कमी न होने दें. इसी के साथ डॉक्टरी सलाह के मिलने वाली दवाओं का सेवन करें. वहीं घर पर रहें और दूसरों से दूरी बनाए रखें जब तक कि बिना दवा के 24 घंटे तक बुखार ठीक न हो जाए और लक्षण बेहतर न होने लगें. वायरस को फैलने से रोकने के लिए अच्छी स्वच्छता बनाए रखें, जैसे कि बार-बार हाथ धोना और खांसते समय मुंह जरूरी ढकें.

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