Bed Sheet Cleaning Tips: आप अपने बिस्तर का इस्तेमाल लंबे समय तक करते हों या सिर्फ सोने के लिए, यह जानना बहुत जरूरी है कि बिस्तर की चादरें और तकिए के कवर कितनी बार या फिर कितने दिन में बदलने चाहिए. अक्सर हम घर की साफ-सफाई के दूसरे पहलुओं पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन चादरों और तकियों की सफाई को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन त्वचा और हेल्थ के लिए इनकी सफाई भी बहुत जरूरी है. अगर, चादरें समय-समय पर न बदली जाएं, तो उन पर पसीना, त्वचा के कण, धूल और अरबों कीटाणु और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, जो त्वचा संबंधी समस्या, एलर्जी, खुजली, सांस लेने में तकलीफ और नींद की क्वालिटी में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. चलिए आपको बताते हैं बिस्तर की चादर कितने दिन में बदलनी चाहिए.
यह भी पढ़ें:- अच्छी नींद के लिए कौन सा विटामिन? इन 5 विटामिनों की कमी से नींद में आती है बाधा
बिस्तर की चादरें कितनी बार बदलनी चाहिए?
एक्सपर्ट के अनुसार, बिस्तर की चादरें सप्ताह में एक बार बदलना सबसे अच्छा माना जाता है. तकिए के कवर भी सप्ताह में एक बार बदलने चाहिए. अगर आपको बहुत पसीना आता है, त्वचा संबंधी समस्याएं हैं, एलर्जी है या पालतू जानवर बिस्तर पर आते हैं, तो हर 3 से 4 दिन में बिस्तर की चादरें बदलना सुरक्षित रहता है. इसके अलावा जब आप बीमार हों या आपको बुखार, सर्दी या खांसी हो तो बिस्तर की चादरें और तकिए के कवर जल्दी बदलना जरूरी है.
90% लोग कौन सी गलती करते हैं?चादर बदलते समय ज्यादातर लोग कुछ गलतियां करते हैं. जैसे 15-20 दिनों तक या कभी-कभी एक महीने तक बिस्तर की चादरें न बदलना, चादरों को झाड़कर या धूप में सुखाकर उनका फिर से उपयोग करना, तकिए के कवर समय पर न बदलना, जब तक चादरों से बदबू न आने लगे या उन पर दाग न लग जाएं, तब तक उन्हें न धोएं आदि. ऐसी गलतियां आपके लिए हानिकारक हो सकती हैं.
सिर्फ चादरें बदलना ही काफी नहीं है, उन्हें ठीक से धोना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. अगर, संभव हो तो चादरों को गर्म पानी में धोएं, जिससे कीटाणु मर जाते हैं. हल्के डिटर्जेंट का प्रयोग करें, इसे अच्छी तरह सुखाना बहुत जरूरी है, गीली चादरों का इस्तेमाल न करें. धूप में सुखाने से प्राकृतिक रूप से रोगाणु कम हो जाते हैं.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.