शरीर के संचालन के लिए प्रोटीन की आवश्यकता सबसे ज्यादा पड़ती है, क्योंकि यह कोशिकाओं को मजबूती और शरीर को एनर्जी देता है. ऐसे में महंगे सप्लीमेंट की जगह किचन में मौजूद चना प्रोटीन का एक बड़ा सोर्स है. चना एक पौष्टिक और आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर आहार माना जाता है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को एनर्जी और ताकत देते हैं.
आयुर्वेद के अनुसार भुना चना, भीगा और उबला हुआ चना या चने का सत्तू अलग-अलग तरीकों से शरीर को लाभ पहुंचाता है. लेकिन चना सही मात्रा और सही तरीके से ही खाना चाहिए, ताकि पाचन ठीक रहे और शरीर को पूरा फायदा मिले.
कैसे करें चने का सेवन- (How To Consume Chana)
1. भुने चने-
पहले बात करते हैं भुने हुए चने की. भुने हुए चने में कैलोरी कम और फाइबर सबसे अधिक होता है और यही कारण है कि भुना हुआ चना वजन को कंट्रोल करने में मदद करता है.
फायदे- वजन को घटाने कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और हार्ट को हेल्दी रखने में मददगार है. बस ध्यान रखने वाली बात है कि इसका सेवन सुबह और दोपहर के समय करें.
2. भीगा और उबला चना-
दूसरे नंबर पर आता है कि भीगा और उबला चना. यह मुख्य रूप से काला चना होता है, जिसे रात में भिगोकर सुबह उबाल लिया जाता है.
फायदे- इसके सेवन से शरीर को एनर्जी मिलती है और यह वजन बनाने में भी मददगार है. अगर आप जिम में पसीना बहाते हैं, तब शरीर को एनर्जी देने के लिए पकाया हुआ चना सबसे अच्छा होता है. इसके साथ ही अगर चने को अलग देसी घी के साथ छौंक लगाकर पकाया जाए तो यह वात दोष को कम करने और चने के रूखेपन को भी कम करने में मदद करता है. इसका सेवन नाश्ते और शाम के समय में हल्की भूख लगने पर खा सकते हैं.
3. चने का सत्तू-
तीसरे नंबर पर है चने से बना सत्तू. चने से बने सत्तू का सेवन गर्मियों में भी किया जा सकता है, क्योंकि यह प्रोटीन से लेकर पेट को ठंडक देने का भी बेहतरीन तरीका है.
फायदे- इसके सेवन से थकान और नेत्र से जुड़े रोगों में कमी होती है. गर्मियों में तीनों प्रकार से चने का सेवन किया जा सकता है, लेकिन वात दोष की अधिकता से पीड़ित लोग चने के सेवन में सावधानी बरतें.
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