आज यानी 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day 2026) मनाया जा रहा है. आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे कि महिलाओं के फैशन में 50 सालों में क्या बदलाव आए. क्योंकि आज के समय में जब भी हम अपनी अलमारी खोलते हैं, तो उसमें जींस, कुर्तियां, वन-पीस जैसे अलग-अलग ड्रेस नजर आती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आज से 50 साल पहले आपकी दादी या नानी क्या पहनती थीं? फैशन सिर्फ कपड़े नहीं होते, यह बदलते दौर की कहानी कहते हैं. पिछले 50 सालों में भारतीय महिलाओं का पहनावा काफी बदल गया है. चलिए, इस दिलचस्प सफर पर चलते हैं.
50 सालों में कितना बदला महिलाओं का फैशन- (How much has women's fashion changed in 50 years)
1970 का दशक-
70 का दशक असल में बॉलीवुड से काफी प्रेरित था. अगर आप उस समय की फिल्में देखें, तो आपको बेल बॉटम्स (नीचे से चौड़ी पैंट) खूब दिखेंगे.
साड़ी का जलवा- साड़ियों को पहनने का तरीका बदला कॉटन और शिफॉन की साड़ियों का चलन बढ़ा.
1980 का दशक-
80 के दशक में फैशन थोड़ा चटकीला हो गया. यह वह समय था जब शादियों में भड़कीले रंगों का इस्तेमाल शुरू हुआ.
सिंथेटिक और शिफॉन- भारी साड़ियों की जगह हल्की और चमकदार साड़ियों ने ले ली.
1990 का दशक-
90 के दशक में सलवार-कमीज सबसे ज्यादा पॉपुलर हुए. दुपट्टे को गले में लपेटने का स्टाइल खूब चला.
जींस की एंट्री- मिडिल क्लास घरों की लड़कियों ने अब धीरे-धीरे जींस और टी-शर्ट पहनना शुरू कर दिया था. हालांकि, तब भी इसे विदेशी पहनावा माना जाता था.
2000 का दशक-
साल 2000 के बाद फैशन में एक बड़ा बदलाव आया. अब भारतीय और वेस्टर्न कपड़े आपस में मिलने लगे थे. कुर्ती के साथ जींस पहनना इसी दौर में शुरू हुआ. लो-वेस्ट जींस और छोटे टॉप्स लड़कियों की पहली पसंद बन गए.
2010 से 2020 का समय-
इस दौर में इंटरनेट और इंस्टाग्राम ने फैशन को घर-घर पहुंचा दिया.
प्लाजो और सिगरेट पैंट- चूड़ीदार पाजामी की जगह अब ढीले-ढाले प्लाजो और फिटेड पैंट्स ने ले ली.
ओवरसाइज्ड कपड़े- आजकल टाइट कपड़ों की जगह ढीले-ढाले ओवरसाइज्ड शर्ट्स और हुडीज का ट्रेंड भी है.
ये भी पढ़ें- International Women's Day 2026 : अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो: भारत की 20 बेटियों के मन का हाल
World Heart Day: दिल की बीमारियां कैसे होंगी दूर, बता रहे जाने-माने पद्मभूषण डॉक्टर TS Kler