गर्मियों के मौसम का खत्म होना और बारिश का मौसम आना. दोनों मौसम की तासीर में इतना अंतर है कि आदतों के ढलते-ढलते मौसमी बुखार एक न एक बार तो जकड़ ही लेता है. इन मुश्किलों से बचने का सिर्फ एक ही तरीका है अपनी डाइट में ऐसे बदलाव लाएं कि मौसम आप पर हावी न हो. दूसरी बड़ी मुश्किल होती है वजन का बढ़ना और तोंद का झट से बाहर निकलना. आमतौर पर गर्मियों में वॉक और दूसरी एक्सरसाइज का रूटीन नियमित रहता है, पर बारिश में आप वॉक के लिए बाहर निकल नहीं सकते. ऐसे में बैली फैट का बढ़ना एक आम परेशानी है, मगर अपनी डाइट में थोड़े बहुत बदलाव कर आप तोंद के बढ़ने पर काबू पा सकते हैं.
इस सीजन में कैसी हो डाइट ताकि झटपट दूर हो जाए बेली फैट
- वजन पर कंट्रोल रखने के लिए मानसून के मौसम में सुबह चाय की जगह ग्रीन टी या लेमन टी लेने की आदत डालें. चाहें तो साथ में कोई भी लो कैलोरी कुकीज ले सकते हैं.
- ब्रेकफास्ट में लो फैट दूध लें साथ में अंकुरित अनाज लें. पर इन अंकुरित अनाज को एक बार स्टीम करना बिलकुल न भूलें.
- बारिश के मौसम में सीजनल सब्जियों से समझौता न करें. खूब सीजनल सब्जियां खाएं, लेकिन उन्हें कम तेल में अच्छे से पका कर खाएं
- डिनर को जितना हो सके हल्का रखें. डिनर में वेज सूप, मूंग दाल, मिक्स वेज को शामिल करें.
- चावल की जगह ब्राउन राइस या ओट्स खाएं.
- बारिश में इस बात का ध्यान रखें कि डिनर बहुत लेट न हो. डिनर जितना लेट होगा तोंद की समस्या उतनी ही बड़ी होगी. इसलिए ध्यान रखें डिनर में हैवी फूड न खाएं और लेट डिनर न करें.
- सुबह उठ कर हर रोज एक लहसुन की कली खाने की आदत डाल लें. गुनगुने पानी के साथ लहसुन खाने से वजन नहीं बढ़ता.
- सुबह खाली पेट भीगे बादाम खाना भी फायदेमंद साबित होगा. भीगे हुए बादाम फैट नहीं बढ़ाते और सेहत के लिए भी अच्छे होते हैं.
- फलों में सेब का सेवन करना बंद न करें. मॉनसून में भूख कम करने का बेहतरीन तरीका है सेब, जिसमें मौजूद पोटैशियम लंबे समय तक भूख का एहसास नहीं होने देता.
- बारिश में बाहर का खाना नुकसानदायक साबित हो सकता है. पर अगर गर्मियों ने आपको फास्ट फूड का शौकीन बना दिया है तो केला आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है. जब भी फास्ट फूड की क्रेविंग हो तो केला खा लें. केले में मौजूद तत्व फास्ट फूड की क्रेविंग को खत्म करते हैं और वजन कम करने का जरिया भी बनते हैं.