Yoga For Cervical Spondylosis: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में घंटों मोबाइल और लैपटॉप के सामने बैठना आम बात हो गई है. गलत बैठने की आदत, झुकी हुई गर्दन और तनाव भरे रूटीन के कारण सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस की समस्या तेजी से बढ़ रही है. इसमें गर्दन में दर्द, अकड़न, सिरदर्द, चक्कर और कभी-कभी हाथों में झनझनाहट तक महसूस होती है. अच्छी बात यह है कि रेगुलर योगाभ्यास से इस समस्या में काफी हद तक राहत पाई जा सकती है. मोरारजी देसाई नेशनल योग इंस्टिट्यूट के अनुसार, योग गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, लचीलापन बढ़ाता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है और दर्द-तनाव को कम करने में सहायक होता है. योग दवाओं का विकल्प नहीं है, लेकिन एक प्रभावी सहायक उपाय जरूर है.
सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस में लाभकारी योगासन | Beneficial Yoga Asanas for Cervical Spondylosis
इंस्टिट्यूट द्वारा सुझाए गए कुछ आसान योगासन और प्राणायाम को डेली रूटीन में शामिल किया जा सकता है.
1. सर्वाइकल स्ट्रेंथ डेवलपर्स
यह प्रैक्टिस गर्दन की मसल्स को मजबूत और लचीला बनाता है. धीरे-धीरे गर्दन को आगे-पीछे और दाएं-बाएं झुकाने से जकड़न कम होती है.
सर्वाइकल में गर्दन में दर्द, अकड़न, सिरदर्द, चक्कर और कभी-कभी हाथों में झनझनाहट तक महसूस होती है.
2. सोल्डर ब्रकीयल स्ट्रेंथ डेवलपर
इसका अर्थ है कंधे और बांह की ताकत बढ़ाने वाला. यह कंधों और गर्दन के जोड़ों को मजबूती देता है. कंधों की गोलाई में हल्की गति करने से अकड़न दूर होती है.
3. ताड़ासन
सीधे खड़े होकर रीढ़ को सीधा रखने वाला यह आसन शरीर की पोजिशन सुधारता है और गर्दन पर पड़ने वाला एक्स्ट्रा दबाव कम करता है.
ताड़ासन सर्वाइकल से राहत दिलाने में मददगार योगासन है. Photo Credit: iStock
4. मार्जरी आसन (कैट पोज)
यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और गर्दन व पीठ की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है, जिससे गर्दन को आराम मिलता है.
5. गोमुखासन
यह कंधों और ऊपरी पीठ की जकड़न दूर करता है, जिससे गर्दन को राहत मिलती है और सर्वाइकल की दिक्कत को दूर करने में मददगार है.
6. सरल भुजंगासन
यह आसन गर्दन और ऊपरी पीठ को मजबूत करता है तथा आगे झुकने की आदत को सुधारने में मदद करता है.
भुजंगासन को घर पर करना बहुत आसान है.
7. मकरासन
यह शरीर को गहराई से रिलैक्स करता है और दर्द में राहत देता है. इस योग आसन को रोजाना अपने रूटीन में शामिल करें.
प्राणायाम से मानसिक शांति | Mental Peace Through Pranayama
- नाड़ी शोधन प्राणायाम: तनाव कम करता है और शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाता है.
- भ्रामरी प्राणायाम: मन को शांत करता है और सिर-गर्दन के तनाव को कम करता है.
- योग निद्रा: पूरे शरीर और मन को गहरी विश्रांति देती है.
इन अभ्यासों से ब्लड फ्लो बेहतर होता है, डिस्क पर दबाव कम पड़ता है और सूजन में राहत मिलती है.
जरूरी सावधानियां:
- योग शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लें.
- अगर दर्द ज्यादा है या हाल ही में सर्जरी हुई है तो विशेष सावधानी बरतें.
- आसन धीरे-धीरे और बिना जोर लगाए करें.
- गर्दन को अचानक या ज्यादा न मोड़ें.
- गर्भावस्था, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य गंभीर बीमारी में विशेषज्ञ की निगरानी जरूरी है.
रेगुलर और सही तरीके से किया गया योग सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस में काफी राहत दे सकता है. यह गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर दर्द और तनाव को कम करता है. हालांकि, इसे पूर्ण इलाज न समझें, डॉक्टरी सलाह के साथ ही योग को अपनाएं.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)