रोज सुबह भ्रामरी प्राणायाम करने के 6 फायदे, जानिए क्या कहती है रिसर्च

Bhramari Pranayama Benefits: भ्रामरी प्राणायाम का नाम मधुमक्खी की गुनगुनाहट यानी भ्रमर पर रखा गया है. इससे मन शांत होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर की ऊर्जा संतुलित होती है.

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भ्रामरी प्राणायाम के फायदे
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Bhramari Pranayama: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई किसी न किसी तरह के तनाव और स्ट्रेस का सामना कर रहा है. इससे छुटकारा पाने का सबसे आसान तरीका प्राणायाम है. अगर आप बिना किसी थेरेपी और दवा का सहारा लिए स्ट्रेस से राहत पाना चाहते हैं तो आप रोज सुबह भ्रामरी प्राणायाम कर सकते हैं. इस प्राणायाम का नाम मधुमक्खी की गुनगुनाहट यानी भ्रमर पर रखा गया है. इससे मन शांत होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर की ऊर्जा संतुलित होती है. आइए जानते हैं रोज सुबह भ्रामरी प्राणायाम करने से शरीर को क्या फायदे होते हैं.

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क्या कहती है रिसर्च?

इंडियन जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी एंड फार्माकोलॉजी की रिसर्च के अनुसार भ्रामरी प्राणायाम मानसिक स्वास्थ्य, हार्ट हेल्थ और फेफड़ों की कार्यक्षमता पर सकारात्मक प्रभाव डालता है. यह हाई ब्लड प्रेशर और कानों में बजने की समस्या (टिनिटस) के लक्षणों को कम करने में भी मदद कर सकता है. इसके नियमित अभ्यास से नींद की गुणवत्ता, पैरासिम्पेथेटिक एक्टिविटी और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है, जबकि तनाव, चिंता, एंजाइटी, सिम्पेथेटिक एक्टिविटी और ब्लड प्रेशर कम होता है.

भ्रामरी प्राणायाम के फायदे

1. इम्यूनिटी होती है मजबूत

भ्रामरी प्राणायाम करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी मजबूत होती है. दरअसल, सिर और गर्दन के हिस्से में कई लिम्फ नोड्स होती हैं, जो शरीर को बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इस प्राणायाम के दौरान उत्पन्न होने वाली कंपन इन लिम्फ नोड्स को एक्टिव करती हैं, जिससे शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है.

2. हार्मोन बैलेंस

भ्रामरी प्राणायाम ब्रेन के ग्लैंड्स को एक्टिव करता है, जैसे हाइपोथैलेमस, पिट्यूटरी, थायरॉयड और पैराथायरॉयड. ये ग्लैंड्स शरीर में हार्मोन को नियंत्रित करती हैं, जो मेटाबॉलिज्म, मूड, एनर्जी लेवल और शरीर की अन्य क्रियाओं को संतुलित रखते हैं. इस प्राणायाम को नियमित रूप से करने से शरीर में हार्मोन बैलेंस रहते हैं जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है.

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3. बेहतर ब्लड सर्कुलेशन

भ्रामरी प्राणायाम से पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. साथ ही इससे आंख, कान और नाक तरह से काम करते हैं और बाहरी चीजों पर प्रतिक्रिया बेहतर होती है.

4. सिरदर्द और साइनस में राहत

भ्रामरी प्राणायाम के दौरान होने वाली हमिंग साउंड साइनस में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है, जिससे जकड़न और सूजन कम होती है. यह नाक बंद होने, पुरानी साइनस की समस्या और सिरदर्द के लिए बहुत अच्छा उपाय है. इसके अलावा, यह माइग्रेन, चक्कर और कान की समस्याओं को भी कम करने में मददगार साबित होता है.

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5. ब्रेन फंक्शन

भ्रामरी प्राणायाम से दिमाग में ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे उसे ऑक्सीजन और पोषण मिलता है और दिमाग बेहतर काम करता है. साथ ही इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, सीखने और समस्या हल करने की क्षमता बढ़ती है और याददाश्त को बेहतर बनती है. 

6. बेहतर नींद

जिन लोगों को नींद नहीं आती या फिर अनिद्रा की समस्या रहती है उनके लिए भ्रामरी प्राणायाम काफी मददगार हो सकता है. रोज भ्रामरी करने से स्लीप क्वालिटी अच्छी होती है और नींद अच्छी आती है.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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