Bacha Neend Se Uth Jaye To Kya Kare: कई बार छोटे उम्र के बच्चे पूरा दिन अच्छे से खेलते और खाते हैं, लेकिन रात को सोते समय बार-बार डरकर उठ जाते हैं या फिर बेचैनी की वजह से नींद में बाधा बनी रहती है. ऐसे में पूरी रात बच्चा चिड़चिड़ा महसूस करता है और नींद भी पूरी नहीं होती.
अगर आपका बच्चा सोते समय रो रहा है तो क्या करें?
आयुर्वेद में इस परेशानी को तंत्रिका तंत्र और स्नायु से जोड़कर देखा गया है और इसके बारे में गहराई से बताया गया है. अगर बच्चे को रात के समय नींद में किसी तरह की परेशानी होती है तो आयुर्वेद में बच्चे को थोड़े से घी में गुड़ मिलाकर चटाने की सलाद दी जाती है. यह काम रात को सोते समय ही करना चाहिए. ऐसा करने से बच्चा मिनटों में गहरी नींद में सोएगा और बार-बार नींद टूटने की परेशानी भी नहीं होगी. आयुर्वेद में घी को मन और स्नायु को शांत करने वाला माना गया है जबकि थोड़ा सा गुड़ शरीर को हल्की ऊर्जा और स्थिरता देने में सहायक माना जाता है.
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घी क्यों खिलाना चाहिए?
रात के समय शरीर में वात भी अधिक बनता है, ऐसे में बच्चे की नींद प्रभावित होती है. घी वात को संतुलित रखने में मदद करता है और गहरी नींद लाने में सहायक है, इसके साथ ही घी तंत्रिका तंत्र को भी शांत करता है, जिससे शरीर रिलैक्स महसूस करता है और नींद लाने वाले हॉर्मोन भी अच्छे से बनते हैं. इसके अलावा, बच्चे की दिनचर्या में और बदलाव लाने की जरूरत है.

क्या न करें?
अगर बच्चा मोबाइल अधिक देखता है तो रात को बच्चे का स्क्रीन टाइम कम करें. अत्याधिक मोबाइल देखने की वजह से मस्तिष्क को लगता है कि अभी नींद का समय नहीं हुआ है और वह एक्टिव मोड में रहता है. यही कारण है कि मस्तिष्क कार्य करने की स्थिति में रहता है. इसलिए रात के समय बच्चे को मोबाइल से दूर रखें और आस-पास के वातावरण को शांत रखने की कोशिश करें.
डॉक्टर से मिलें:
अगर बच्चा रात के समय ज्यादा डरता है और इस आयुर्वेदिक नुस्खे से भी आराम नहीं मिल पाता है तो तुरंत बाल विशेषज्ञ की सलाह लें. कई बार बच्चे अन्य परेशानियों की वजह से भी नहीं सो पाते हैं.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं