5 FAQS About Ashwagandha: अश्वगंधा का नाम तो आप ने सुना ही होगा. यह एक औषधीय पौधा है जिसका जिसे कभी “असगंध”, कभी “अशगंध” और कई जगह “इंडियन जिनसेंग” के नाम से भी जाना जाता है. जितना इसका नाम दिलचस्प है, बिल्कुल वैसे ही इसकी जड़, पत्तियां और बीज तीनों भी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. जब इस पौधे के इतने फायदे हैं, तो क्या न इससे जुड़े कुछ सवालों पर आज बात की जाएं. आज हम इस स्टोरी में अश्वगंधा के बारे में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवालों के बारे में बात करने वाले हैं. आइए बिना देरी किए एक नजर डाल लेते हैं.
अश्वगंधा किस काम आता है?
अश्वगंधा एक शक्तिशाली हर्ब है,
- यह थकान और कमजोरी को दूर करता है
- तनाव, एंग्जायटी और नींद की समस्या से छुटकारा दिलाता है
- इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करता है
- हार्मोन बैलेंस में मददगार है
- शारीरिक ऊर्जा बढ़ाने और स्टैमिना सुधारने के लिए उपयोग किया जाता है
- पुराने दर्द, जोड़ों के दर्द और सूजन में भी इसे लाभदायक बताया गया है
- दिमाग को शांत रखने और मानसिक फोकस बढ़ाने में मदद करता है
अश्वगंधा के पत्ते कैसे खाएं?
अश्वगंधा की पत्तियों को कई तरीकों से खाया जा सकता है,
- काढ़ा बनाकर: 4 से 5 पत्तियां पानी में उबालकर हल्का सा काढ़ा बना लें.
- पेस्ट बनाकर: ताजी पत्तियों को धोकर पीस लें और आधा चम्मच सुबह लें.
- चूर्ण बनाकर: पत्तों को सुखाकर पाउडर बना लें और एक चुटकी गुनगुने पानी के साथ लें.
- डिटॉक्स टी की तरह: पत्तियों को गर्म पानी में डालकर 5 मिनट रख दें और छानकर पीएं.
अश्वगंधा की खेती सबसे अच्छी कहां होती है?
अश्वगंधा की खेती मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में होती है. ऐसा इसलिए क्योंकि इन राज्यों की गर्म और सूखी जलवायु अश्वगंधा की खेती के लिए भेतरीं मानी जाती है. वहीं, बात करें इसके साइज की, तो बता दें इसके पौधे करीब 1.5 मीटर तक ऊंचे, पत्तियां हल्की हरी और अंडाकार, फूल छोटे और हरे रंग के और फल पके होने पर नारंगी-लाल रंग के होते हैं.
घर पर अश्वगंधा का पौधा कैसे लगाएं?
- बीज कहां से लें: अश्वगंधा के बीज नर्सरी या ऑनलाइन बीज स्टोर से लिए जा सकते हैं.
- गमला कितना इंच का चुनें: कम से कम 12 इंच व्यास और गहराई वाला गमला अश्वगंधा के लिए अच्छा माना जाता है.
- मिट्ठी कैसी चुनें: अश्वगंधा को ज्यादा पानी वाली मिट्टी पसंद नहीं, रेतीली मिट्टी बेस्ट है
- कितना पानी दें: हफ्ते में 2 से 3 बार हल्का पानी काफी है
- कितनी धूप देनी चाहिए: इसे कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप चाहिए
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