जूते में शराब डालकर क्यों पीते हैं खिलाड़ी? कैसे हुई इस अजीब ट्रेडिशन की शुरुआत

Shoey Tradition: बहुत से खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने के लिए जूते में बीयर डालकर पीते हैं. चार साल पहले ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद ऐसा किया था, जून 2025 में ऑस्ट्रेलियाई सांसद ने पार्लियामेंट में ऐसा किया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
जूते में शराब रखकर पीते हैं खिलाड़ी

Strange Sports Celebrations: आपको याद होगा 2021 में न्यूजीलैंड को T20 वर्ल्ड कप हराने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अजीब तरह से जश्न मनाया था. मैथ्यू वेड और मार्कस स्टोइनिस जैसे खिलाड़ियों ने अपने जूते में बीयर भरकर पी थी. पिछले साल जून में ऑस्ट्रेलियाई सांसद कायल मैकगिल ने भी पार्लियामेंट में अपने आखिरी दिन विदाई भाषण के बाद कुछ ऐसा ही किया था. तब वहां बैठे संसदों ने जमकर तालियां बजाईं. क्रिकेट और पार्लियामेंट में ही नहीं कई खेलों में यह हैरान कर देने वाला सेलिब्रेशन देखने को मिलता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि खिलाड़ी ऐसा क्यों करते हैं और इस जश्न की शुरुआत कब, कहां, कैसे हुई थी. अगर नहीं, तो चलिए जानते हैं.

जूते में शराब डालकर क्यों पीते हैं खिलाड़ी

जब भी कोई खिलाड़ी इस तरह का सेलिब्रेशन करता है, तो आपको देखकर भले ही हैरानी होती होगी, लेकिन यह कोई अचानक किया गया अजीब काम नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक परंपरा है, जिसे 'शूई' (Shoey) कहा जाता है. 'शूई' का मतलब जूते में शराब डालकर पीना है. इसमें बीयर या शैम्पेन ज्यादातर मौकों पर डाली जाती है.

ऑस्ट्रेलिया में यह तरीका जीत, विदाई या खुशी के बड़े मौके पर अपनाया जाता है. खास बात ये है कि बीयर पीने के बाद वही जूता फिर से पहन लिया जाता है. सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन वहां इसे मस्ती और जश्न का हिस्सा माना जाता है.s

एक पैकेट की कीमत 5 हजार रुपये, जानें किस देश में सबसे महंगी है सिगरेट

शूई की शुरुआत कैसे हुई?

शूई को दुनियाभर में पॉपुलर बनाने का क्रेडिट ऑस्ट्रेलियाई फॉर्मूला-1 ड्राइवर डैनियल रिकियार्डो को जाता है. साल 2016 के जर्मन ग्रां प्री में रेस जीतने के बाद उन्होंने पोडियम पर जूते में शैम्पेन डालकर पी ली. बस, वहीं से यह स्टाइल वायरल हो गया. इसके बाद म्यूजिक कॉन्सर्ट, स्पोर्ट्स इवेंट और पार्टियों में यह एक ट्रेंड बन गया. यह परंपरा सिर्फ स्पोर्ट्स तक सीमित नहीं है. डैनियल रिकियार्डो के अलावा कई इंटरनेशनल सेलेब्रिटीज भी इसे अपना चुके हैं. इनमें जिमी फॉलन, ह्यू ग्रांट, पैट्रिक स्टीवर्ट, जेरार्ड बटलर और मशीन गन केली जैसे बड़े नाम हैं. यहां तक कि ब्रिटिश रेसिंग ड्राइवर लुइस हेमिल्टन भी रेस जीतने के बाद ऐसा कर चुके हैं.

क्या शूई सेहत के लिए सही है

मेलबर्न की मोनाश यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट डॉ. एंटोन पेलेग के मुताबिक, अगर इंसान स्वस्थ है और जूते बहुत गंदे नहीं हैं, तो इंफेक्शन का खतरा काफी कम होता है. लेकिन खुद एक्सपर्ट भी मानते हैं कि जूते की बजाय ग्लास में बीयर पीना ज्यादा अच्छा ऑप्शन है. यानी मजा अपनी जगह, लेकिन सेहत पहले देखना चाहिए. ऑस्ट्रेलिया में भी कई लोग इस परंपरा को पसंद नहीं करते हैं.

सिडनी की कॉन्सर्ट फोटोग्राफर जॉर्जिया मौलोनी बताती हैं कि कई शोज में कलाकारों से जबरदस्ती शूई करने को कहा जाता है, जो कई बार अजीब लगता है और शो का टाइम भी खराब करता है.उनका कहना है कि शायद दुनिया में सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही ऐसा देश है, जहां स्टेज पर कलाकारों से जूते में बीयर पीने की मांग होती है.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Delhi Murder Case: Lawrence Bishnoi Gang ने ली वसीम मर्डर की जिम्मेदारी! हाशिम बाबा के लिए बदला