Who are these commandos in safari suits: जब भी प्रधानमंत्री या किसी बड़े VVIP नेता की तस्वीर सामने आती है. तब उनके पीछे कुछ लोग भी नजर आते हैं, जिनके चेहरे एकदम सपाट और गंभीर दिखते हैं. पहनावा भी बिलकुल एक जैसा, प्लेन सफारी सूट. ये लोग न तो भाषण देते हैं, न कैमरे की ओर देखते हैं. बस चुपचाप VVIP नेताओं के पीछे खड़े नजर आते हैं. ये जितने गंभीर दिखते हैं, इनका काम भी उतना ही जिम्मेदारी से भरा होता है. इन लोगों के कंधे पर VVIP की सिक्योरिटी का जिम्मा होता है. ये हाईली ट्रेंड कमांडो होते हैं. जो हर पल खतरे को भांपने और पल भर में एक्शन लेने के लिए तैयार रहते हैं. इनका काम दिखना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर ढाल बन जाना होता है.
कौन होते हैं ये सफारी सूट वाले कमांडो
VVIP नेताओं के पीछे खड़े ये कमांडो आमतौर पर SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप), NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) या CRPF/ITBP की स्पेशल सिक्योरिटी दस्ते से आते हैं. इन्हें जेड प्लस (Z+) या उससे भी हाई सिक्योरिटी कैटेगरी में तैनात किया जाता है. प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और बेहद संवेदनशील नेताओं की सुरक्षा इन्हीं के जिम्मे होती है.
सफारी सूट सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि एक स्ट्रेटजी भी है. इस ड्रेस कोड से ये कमांडो भीड़ में आसानी से पहचाने जा सकते हैं और साथ ही वेपन छिपाना भी आसान होता है. जरूरत पड़ने पर ये बिना किसी रुकावट के तुरंत हरकत में आ सकते हैं.
जिम्मेदारी जो जान से बड़ी होती हैइन कमांडो की पहली और आखिरी जिम्मेदारी होती है VVIP की जान बचाना. खतरा सामने हो या न हो, ये हर पल अलर्ट रहते हैं. किसी भी संदिग्ध हलचल पर तुरंत रिएक्शन देना इनकी ट्रेनिंग का हिस्सा है.
ये जवान सिर्फ बंदूक चलाना नहीं जानते, बल्कि क्लोज कॉम्बैट, मार्शल आर्ट और एंटी-टेरर ऑपरेशंस में भी माहिर होते हैं. मॉडर्न वेपन, बॉडी आर्मर और कम्यूनिकेशन टूल्स इनके साथ हर समय मौजूद होता है.
बुलेटप्रूफ ब्रीफकेस का रोलकुछ मौकों पर आपने इन्हें ब्रीफकेस पकड़े देखा होगा. ये कोई आम ब्रीफकेस नहीं, बल्कि बुलेटप्रूफ शील्ड होती है, जो हमले के समय पल भर में नेता के लिए सुरक्षा कवच बन जाती है.














