राज्यसभा MP और CM, दोनों बने रह सकते हैं नीतीश कुमार; जानें नियमों में कितने दिन की मिलती है छूट

Nitish Kumar Rajya Sabha: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने की इच्छा जाहिर की है, अब सवाल है कि आखिर कब तक वो सीएम पद पर बने रहेंगे. नियम के मुताबिक वो बिना चुनाव लड़े 6 महीने तक सीएम बने रह सकते हैं.

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Nitish Kumar Rajya Sabha: राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार

Nitish Kumar Rajya Sabha: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐलान कर दिया है कि वो अब राज्यसभा जा रहे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद इस बात की जानकारी दी है और बतया है कि उनकी ये इच्छा हमेशा से रही थी कि वो संसद के दोनों सदनों का हिस्सा रहें. नीतीश के इस ऐलान के बाद ये बात साफ हो चुकी है कि बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है, इसी बीच कई नामों को लेकर भी अटकलें शुरू हो चुकी हैं. हालांकि अगर नियमों की बात करें तो नीतीश कुमार MLC पद से इस्तीफा देने के बावजूद 6 महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं. आइए जानते हैं कि मुख्यमंत्री के पद को लेकर नियम क्या कहते हैं. 

6 महीने तक सीएम पद पर रह सकते हैं नीतीश

नीतीश कुमार ने भले ही राज्यसभा जाने की अपनी इच्छा जाहिर कर दी हो, लेकिन अगर वो चाहें तो अगले 6 महीने तक सीएम पद पर बने रह सकते हैं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 (1) के तहत मुख्यमंत्री को राज्यपाल नियुक्त करते हैं. इसके अलावा 164 (4) में कहा गया है कि 6 महीने तक कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री पद पर बिना चुनाव लड़े रह सकता है, लेकिन इसके बाद उसे इस पद पर रहने का अधिकार नहीं होगा. 

इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश

नीतीश कुमार राज्यसभा जाने से पहले ही सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं. भले ही नियम के हिसाब से उन्हें 6 महीने तक सीएम पद से नहीं हटाया जा सकता है, लेकिन आमतौर पर जब कोई नेता ऐसा फैसला लेता है तो उसके कुछ ही दिन बाद इस्तीफा भी सौंप दिया जाता है. एक बार इस्तीफा देने के बाद राज्यपाल के पास ये अधिकार होता है कि वो किसी दूसरे नेता को सीएम पद पर नियुक्त करे. इसका फैसला आमतौर पर विधायक दल की बैठक में लिया जाता है. इस बैठक में आलाकमान की तरफ से दिए गए निर्देशों पर चर्चा होती है और फिर विधायक दल का नेता चुना जाता है. 

क्या बोले नीतीश कुमार?

नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर राज्यसभा जाने की खबरों पर मुहर लगाते हुए कहा, "पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है. आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है. इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है. संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं. मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा. जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा. 

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