मध्य प्रदेश के एक बीजेपी विधायक ने हाल ही में 100 से ज्यादा पर्सनल रिप्रेजेंटेटिव अपॉइंट किए हैं. करेरा MLA रमेश खटीक 106 MLA रिप्रेजेंटेटिव अपॉइंट करके सुर्खियों में आ गए हैं. MLA रमेश खटीक ने डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर के लगभग सभी डिपार्टमेंट से लेकर अपने चुनाव क्षेत्र के स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल तक, अपने रिप्रेजेंटेटिव अपॉइंट किए हैं. आखिर सांसद प्रतिनिधि और विधायक प्रतिनिधि क्या होते हैं और इनका रोल क्या है? आइए जानते हैं इसके बारे में.
कौन होता है विधायक ?
विधायक अपने राज्य की विधानसभा का सदस्य होता है. विधानसभा चुनाव में लोग अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए विधायक को चुनते हैं. विधायक राज्य की विधानसभा में अपने क्षेत्र की समस्याएं और मुद्दों को उठाता है. साथ ही कानून बनाने में मदद करता है. विधानसभा चुनावों के बाद, जिस पार्टी के पास सबसे अधिक विधायक होते हैं, वह सरकार बनाती है. विधायक राज्य का मुख्यमंत्री या राज्य मंत्री भी बन सकता है.
विधायक की मुख्य भूमिका और कार्य
जनता का प्रतिनिधित्व
विधायक अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं, शिकायतों को राज्य सरकार के सामने रखता है. साथ ही इनको हल करने का काम करता है. विधायक को अपने क्षेत्र के विकास के लिए कुल पांच साल का समय मिलता है.
क्षेत्रीय विकास
विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए 'विधायक निधि' (Local Area Development Fund) का उपयोग करते हैं.
विधायक प्रतिनिधि क्या होता है?
किसी भी क्षेत्र का विकास कार्य करना सरल काम नहीं है. ऐसे में कई विधायक अपने पर्सनल रिप्रेजेंटेटिव अपॉइंट कर लेते हैं. पर्सनल रिप्रेजेंटेटिव का काम क्षेत्र के लोगों की समस्या सुनकर उन्हें हल करना होता है. पर्सनल रिप्रेजेंटेटिव के जरिए जनता विधायक तक अपनी बात भी पहुंचा सकती है. .
सांसद
सांसद, भारत की संसद का सदस्य होता है. सांसद केंद्र स्तर पर देश के लिए कानून और नीतियों को बनाने का काम करता है. सांसद दो अलग-अलग सदनों के सदस्य हो सकते हैं. पहला लोकसभा सांसद, जिसे सीधा जनता द्वारा आम चुनावों के माध्यम से चुना जाता है. वहीं राज्यसभा सांसद जो कि राज्यों की विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं.
सांसद की मुख्य भूमिका अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों की आवाज बनकर उनकी समस्याओं को देश के सामने उठाना होता है. इसके अलावा देश के कानून बनाने में भी सांसद की भूमिका अहम होती है. प्रत्येक सांसद को अपने क्षेत्र के विकास के लिए 'सांसद निधि' (MPLAD) मिलती है. जिसके इस्तेमाल से वो अपने क्षेत्र का विकास करता है.
सांसद प्रतिनिधि क्या होता है
विधायक की तरह ही सांसद भी अपना पर्सनल रिप्रेजेंटेटिव अपॉइंट कर सकते हैं. सांसद प्रतिनिधि का कार्य भी विधायक प्रतिनिधि की तरह होता है. ये क्षेत्र के विकास का कार्य करते हैं. आमतौर पर सांसद काफी व्यस्त होते हैं, ऐसे में अपना प्रतिनिधि चुनते हैं, जो की क्षेत्र की तरक्की का काम करते हैं. क्षेत्र की जनता की समस्या को सांसद तक पहुंचता है.
विधायक या सांसद प्रतिनिधि का चुनाव कैसे होता है?
हमारे देश के कानून में विधायक या सांसद प्रतिनिधि का कोई जिक्र नहीं है. विधायक या सांसद अपनी पसंद के किसी भी व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि चुन सकते हैं. ये जरूरी नहीं है कि हर विधायक और सांसद को अपना प्रतिनिधि चुनना होता है. ये उनकी मर्जी पर निर्भर रहता है.














