केरोसिन को मिट्टी का तेल क्यों कहा जाता है? जान लीजिए जवाब

केरोसिन (Kerosene) को आम बोलचाल में मिट्टी का तेल कहा जाता है. यह एक प्रकार का पेट्रोलियम प्रोडक्ट है, जो जमीन के नीचे से निकाले गए कच्चे तेल (Crude oil) को रिफाइन करके तैयार किया जाता है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
‘मिट्टी का तेल' नाम सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे एक सरल कारण है.

Why is kerosene is known as mitti ka tel  : "नाम में क्या रखा है!" — विलियम शेक्स्पीयर की यह मशहूर कहावत भले ही नाम की अहमियत को कम बताती हो, लेकिन असल जिंदगी में नाम काफी मायने रखते हैं, खासकर उस स्थिति में जहां नाम कंफ्यूजन पैदा कर दे. ऐसा ही एक उदाहरण है ‘मिट्टी का तेल', जिसे सुनकर कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या यह सच में मिट्टी से बनता है?

क्या होता है मिट्टी का तेल?

केरोसिन (Kerosene) को आम बोलचाल में मिट्टी का तेल कहा जाता है. यह एक प्रकार का पेट्रोलियम प्रोडक्ट है, जो जमीन के नीचे से निकाले गए कच्चे तेल (Crude oil) को रिफाइन करके तैयार किया जाता है. इसका इस्तेमाल ज्यादातर लैंप, स्टोव और कुछ इंडस्ट्रियल कामों में फ्यूल के तौर पर होता है. सरसों, नारियल या जैतून के तेल की तरह ‘मिट्टी का तेल' अपने सोर्स की सीधे-सीधे जानकारी नहीं देता है, जिससे लोग कंफ्यूज हो सकते है. 

क्यों पड़ा ये नाम 

‘मिट्टी का तेल' नाम सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे एक सरल कारण है. दरअसल, यह तेल जमीन (मिट्टी) के अंदर से खनन के जरिए निकाला जाता है, इसलिए इसे आम बोलचाल में ‘मिट्टी का तेल' कहा जाने लगा. इसका नाम केवल इसके सोर्स यानि कि 'जमीन के अंदर से निकाले जाने' की जानकारी देता है, न कि इसे तैयार करने के प्रोसेस की. बता दें कि पेट्रोलियम शब्द लैटिन भाषा से आया है, जिसमें ‘पेट्रा' का मतलब चट्टान और ‘ओलियम' का मतलब तेल होता है. इसी कारण इसे ‘रॉक ऑयल' भी कहा जाता है, यानी चट्टानों से निकलने वाला तेल.

घासलेट नाम कैसे पड़ा?

भारत में केरोसिन को घासलेट नाम से भी जाना जाता है. माना जाता है कि जब यूरोप और अमेरिका से गैस लाइट (Gas Light) भारत आई, तो लोगों ने उसके फ्यूल के नाम को बोलचाल में बदलकर घासलेट कर दिया. धीरे-धीरे यह शब्द आम उपयोग में आ गया. ‘मिट्टी का तेल' या 'घासलेट' नाम भले ही थोड़ा कंफ्यूजिंग लगे, लेकिन इसके पीछे साइंस और इतिहास दोनों जुड़े हुए हैं. यह नाम हमें याद दिलाता है कि यह तेल धरती की गहराइयों से निकला एक अहम फ्यूल है.

Advertisement

बढ़ी है केरोसिन की अहमियत 

मौजूदा समय में अमेरिका इजराइल ईरान के बीच जारी युद्ध के चलते भारत में LPG की किल्लत हो गई है. ऐसे में भारत सरकार केरोसिन, जैसे फ्यूल्स को दोबारा उतारने पर विचार कर रही है. 

Featured Video Of The Day
Iran Israel War | ईरान का मिशन 'परमाणु' पावर? दुनिया में FULL टेंशन! War Zone से LIVE Report
Topics mentioned in this article